परमार्थ निकेतन, युवा फांउडेशन और शेयर चेट के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय सोशल मीडिया महाकुम्भ का समापन

प्रयागराज/ बुशरा असलम। परमार्थ निकेतन शिविर में आयोजित दो दिवसीय महाकुम्भ का समापन हुआ। समापन अवसर पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, डाॅ साध्वी भगवती सरस्वती ने विश्व ग्लोब का जलाभिषेक कर कार्यक्रम का समापन किया। सोशल मीडिया महाकुम्भ के माध्यम से दुनिया के लोगों को कुम्भ के विभिन्न रंगों और भारतीय संस्कृति से युवाओं को अवगत कराया। 
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’’सोशल मीडिया संवाद का सशक्त माध्यम है। इन जवानों की टोली ने ’’क्या कुुम्भ-वाह कुम्भ’’ के दर्शन पूरी दुनिया को कराये। सोशल मीडिया के माध्यम से संगम के तट से संगम का संदेश जाना चाहिये। उन्होने जल संरक्षण की बात करते हुये कहा कि ’’पानी है तो प्रयाग है, प्रयाग है तो संगम है और संगम है तो कुम्भ है’’ इसलिये हम सभी का कर्तव्य है कि हम अपनी नदियों को संरक्षित करे नहीं तो आने वाली पीढ़ियां कुम्भ को केवल पुस्तकों और कहानियों में ही पायेगी।
डाॅ साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि सोशल मीडिया ध्यान भटकाने का माध्यम नहीं बल्कि ध्यान लगाने का माध्यम है और इसे इस रूप में स्थापित करे कि कुम्भ के साथ भारतीय संस्कृृति के दर्शन हो सके। कुम्भ के दर्शन और संगम में डुबकी लगाने के साथ अपने स्व के दर्शन करे यही वास्तव में कुम्भ का वास्तविक मर्म है। उन्होने कहा कि यहां की ऊर्जा और भारतीय संस्कृति को आत्मसात कर यहां से प्रस्थान करें।
शान्तनु गुप्ता ने कहा कि हम कुम्भ के विविध रंगों को पूरी दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। सोशल मीडिया के इतने दिग्गज कुम्भ में एक साथ पहली बार एकत्र हुये हैं।
पुष्कर शर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया की टीम ने जिस खूबसूरती से कुम्भ का दर्शान विश्व को कराया वह सोशल मीडिया की शक्ति को दर्शता है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, साध्वी भगवती सरस्वती, शान्तनु, पुष्कर शर्मा, नन्दिनी त्रिपाठी एवं देश के विभिन्न भागों से आये अन्य सोशल मीडिया के जवानों ने विश्व ग्लोब का जलाभिषेक कर जल संरक्षण का संकल्प लिया।