परमार्थ निकेतन पहुंचा उर्जा मंत्रालय, भारत सरकार के उच्चाधिकारियों का दल

ऋषिकेश/ धनंजय राजपूत। भारत सरकार के उर्जा मंत्रालय के उच्चाधिकारियों का दल परमार्पथ निकेतन पहुंचा। दल के सदस्यों ने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती से मुलाकात किया। वहीं मुलाकात के दौरान स्वामी जी ने उर्जा मंत्रालय के पदाधिकारियों को ऊर्जा के स्वच्छ, सतत और सुरक्षित विकास के लिये प्रोत्साहित किया। इस दौरान स्वामी जी ने साल 2021 में हरिद्वार में होने वाले कुम्भ मेला में प्रकाश की उचित व्यवस्था के विषय में चर्चा करते हुये कहा कि उत्तराखण्ड का विश्व पटल पर एक विशेष स्थान है। कुम्भ मेला, विश्व के करोड़ों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है अतः कुम्भ के माध्यम से वैश्विक स्तर पर स्वच्छ, सतत और सुरक्षित विकास का संदेश प्रसारित होना चाहिये। स्वामी जी ने कहा कि अभी से ही हम सभी को मिलकर ऋषिकेश और हरिद्वार को सुन्दर और सुरम्य बनाने के लिये कार्ययोजना तैयार करनी होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि आज ऋषिकेश एंव स्वर्गाश्रम क्षेत्र को सोलर ऊर्जा से और अपने सी.एस.आर. योजना से प्रकाशित करें। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि भारत में पवन, सूर्य और जल ऊर्जा को बढ़ावा देने की जरूरत है। उत्तराखण्ड का सौभाग्य है कि उसके पास अपार मात्रा में जलराशि है, सूर्य की ऊर्जा है और शुद्ध हवा के भण्डार हैं, यहा पर ऊर्जा का सतत और सुरिक्षत विकास किया जा सकता है। उर्जा विभाग के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव शर्मा ने कहा कि स्वामी जी के सान्निध्य में हम सबको आज गंगा आरती में सहभाग करने का अवसर प्राप्त हुआ और प्रोत्साहन मिला कि अगर किसी के जीवन में आप उजाला लाते हैं तो उसका सशक्तिकरण होता है, भगवान से मिलने का मौका मिलता है और जीवन में शान्ति आती है। उन्होने कहा कि मुझे प्रसनन्ता है कि स्वामी जी ने टिहरी बांध का जिक्र किया उससे मुझे और प्रोत्साहन मिला। आज से कुछ वर्ष पहले जब टिहरी बांध का निर्माण हो रहा था तो उसे बनाने में मेरा भी कुछ योगदान था। उन्होने कहा कि विद्युत मंत्रालय का मुख्य काम लोगों के जीवन में बिजली उपलब्ध कराना है। हम लोगों ने “दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना अन्तर्गत” देश के लगभग सभी गावों तक बिजली पहुंचा दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सौभाग्य योजना के अन्तर्गत ढ़ाई करोड़ ऐेसे घर जहां पर बिजली नहीं पहुंची थी उन्हे भी जोड़ दिया गया है। साथ ही हम लोग पर्यावरण को बचाने के लिये देश में जो सीएफएल के पुराने बल्ब है उनके स्थान पर हमने 37 करोड़ एलईडी बल्ब बांटे है और लगभग 77 करोड़ बल्ब अभी भी बांटने है। इसके माध्यम से काबर्नडायआक्साइड का उत्सर्जन कम हुआ है; लोगों का बिजली का बिल कम हुआ है तथा देश की लगभग 87 लाख रोड़ लाइटों को हमने बदला है, पुरानी लाइट हटाकर एलईडी लाइट लगायी है इससे प्रदूषण नहीं होता बिजली की खपत कम होती है। जहां हमने 87 लाख लाइट बदली है उन शहरों की लाइटों को हम आनेे वाले सात वर्षों तक उनका रखरखाव भी करेंगे। उन्होने कहा कि अगर शहरों में लाइट आती है तो उस शहर का विकास होता है; सशक्तिकरण होता है। विद्युत मंत्रालय, विद्युत ऊर्जा, जल ऊर्जा, पवन ऊर्जा सभी को प्रोत्साहन देता है। उन्होने कहा कि अब हम कोयले से बनने वाली ऊर्जा को कम करेंगे और जल और पवन से बनने वाली ऊर्जा को ज्यादा प्रोत्साहन देंगे जिससे इस पर्यावरण के हम आने वाली पीढ़ियों के लिये रहने लायक बना सकें। उन्होने परमार्थ निकेतन का और पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि हमें इस नेक कार्य करने का मौका दिया और हमारी पूरी टीम को अपना आशीर्वाद प्रदान किया इस हेतु बहुत-बहुत धन्यवाद।’’ विश्व स्तर पर जल की आपूर्ति हेतु स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के पावन सान्निध्य में विद्युत मंत्रालय भारत सरकार से आये पदाधिकारियों ने वाॅटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की। स्वामी जी महाराज ने पर्यावरण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया। सभी ने विश्व विख्यात माँ गंगा जी की आरती में सहभाग किया। इस अवसर पर श्री राजीव शर्मा चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पी.एफ.एस श्री एन व्ही गुप्ता निदेशक वित्त विभाग, श्री बीके सिंह निदेशक व्यापार, श्री मनोहर बलवानी कम्पनी सचिव, श्री सीताराम परिक स्वतंत्र निदेशक सी.एस. आर. एवं अन्य कई उच्चाधिकारियों ने सहभाग किया।