निर्जला एकादशी व्रत करने से मिलता है 24 एकादशी के बराबर फल

नई दिल्ली/ प्रतिमा चतुर्वेदी। हिंदू पंचांग के मुताबिक पूरे साल में 24 एकादशी पड़ती हैं। इन सभी एकादशियों में निर्जला एकादशी सबसे अहम है साथ ही फलदायी भी है। इस साल निर्जला एकादशी 13 जून को है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा अर्चना करने से पूरे 24 एकादशियों के व्रत का फल मिलता है। आज के दिन बिना पानी पिए व्रत रखा जाता है।  

माना जाता है कि निर्जला व्रत रखने से कई जन्‍मों के पापों का नाश होता है। आज के दिन अपने माता-पिता और गुरु का भी चरण स्पर्श करना चाहिये। यह महीना गर्मी का होता है इसलिए प्याऊ की व्यवस्था करने से आपको अधिक लाभ मिलेगा। इस दिन इंसान ही नहीं बल्‍कि पक्षियों और जानवरों को भी पानी पिलाने का विधान है।  

निर्जला एकादशी का शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त- अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:52 से दोपहर 12:47 तक 
अशुभ मुहूर्त- राहुकाल-दोपहर 01:30 बजे से 3 बजे तक

निर्जला एकादशी के क्या हैं नियम – 
तपस्या के इस दिन किसी भी कीमत पर अन्न ग्रहण न करें। किसी की निन्दा न करें। माता पिता और गुरु का अपमान न करें। घर में चावल न पकाएं और न खाएं। गन्दगी ना फैलाएं और हो सके तो दिन में ना सोएं।