नवरात्र शक्ति का समन्यवय कर सकारात्मक परिवर्तन का पर्व-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेष/ धनंजय राजपूत। नवरात्र के नवमी तिथि पर परमार्थ निकेतन आश्रम में विश्व शान्ति एवं पर्यावरण शुद्धि के लिये विशेष यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और सोमानी लिमिटेड परिवार के श्री मोहनलाल जी, श्री रमेश जी व अन्य सदस्य उपस्थित थे।

परमार्थ निकेतन में नौ दिनों से चल रही शक्ति साधना के समापन अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने सभी साधकों को सम्बोधित करते हुये कहा कि नवरात्र आंतरिक शुद्धि एवं नई ऊर्जा संचय करने का पर्व है; सकारात्मक परिवर्तन का पर्व है। उन्होंने आन्तरिक शुद्धि के साथ बाहरी वातावरण को भी शुद्ध और स्वच्छ रखने का आहृवान किया।

स्वामी जी ने नवमी के पावन अवसर पर सोमानी परिवार के सदस्यों को शिवत्व का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया एवं सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण का संकल्प कराया।

सोमानी परिवार के सदस्यों ने परमार्थ निकेतन द्वारा किये जा रहे रचनात्मक कार्यो की मुक्त कंठ से प्रशन्सा की और कहा कि स्वच्छता, पर्यावरण एवं गंगा स्वच्छता एवं संरक्षण के क्षेत्र में अप्रतिम कार्य किये जा रहे है। उन्होने कहा कि हम सभी स्वामी के प्रेरणाप्रद संदेश पेडे नहीं पेड बांटे से अत्यधिक प्रभावित हुये और इस पर अमल करने का प्रयास करेंगे और दूसरों को भी इस के लिये प्रेरित करेंगे।