नेचर, कल्चर और फ्यूचर होगा सुरक्षित तो भारत रहेगा समृद्ध और सुरक्षित – स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश। परमार्थ गुरूकुल वीरपूर में 30 मोरिंगा एवं फूलदार पौधों का रोपण अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको, फांस, आस्ट्रेलिया से आये सैलानी, बैकपैकिंग विथ अ पर्पस ग्रुप के सदस्य, गुरूकुल के ऋषिकुमार एवं परमार्थ परिवार के सदस्यों ने किया।
विगत दिनों परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और श्री ड्राइकुंग कायबाॅन चेटसंग रिनपोचे जी ने गो ग्रीन-गो आर्गेनिक की शुरूआत करते हुये एक एम ओ यू पर हस्ताक्षर किये थे। जिसका उद्देश्य था कि नदियों के किनारों पर मिट्टी के कटाव को रोकने तथा जल को स्वच्छ करने के लिये नदियों के किनारों पर मोरिंगा (सहजन) के पौधों का रोपण किया जायेगा।
इसी श्रंखला के अन्र्तगत स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज की प्रेरणा से श्री ड्राइकुंग कायबाॅन चेटसंग रिनपोचे जी के जन्मदिवस को ग्रीन जन्मदिवस के रूप में मनाने हेतु जन्मदिन से एक दिन पूर्व परमार्थ वीरपूर वाटिका में स्वच्छता एवं वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया।
इस वृक्षारोपण अभियान में सहभाग करने वाले बैकपैकिंग विथ अ पर्पस ग्रुप के सदस्य विश्व के भिन्न-भिन्न देशों में जाकर अपनी संस्कृति के बारे में लोगों को अवगत कराते है। इस दल के सदस्य परमार्थ निकेतन में अपने तीन दिवसीय प्रवास पर आये हुये है। उन्होने यहां पर कर्मयोग की शिक्षा ग्रहण की। उन्होने सीखा की योग करना ही योग नहीं है बल्कि तन-मन से सेवा के कार्य करना भी योग है; ध्यान है। अपने प्रवास के दौरान दल के सदस्यों ने परमार्थ निकेतन में योग, ध्यान, गंगा आरती, हवन, साध्वी भगवती सरस्वती जी के आध्यात्मिक सत्संग को वीडियों के माध्यम से श्रवण किया,  स्वच्छता अभियान एवं वृक्षारोपण में उत्साहपूवर्क सहभाग किया और कहा कि यह स्थान अपार शान्ति से युक्त है यहां पर बार-बार आने की अभिलाषा है।
इस दल के सदस्यों को पर्यावरण के प्रति प्रेरित करते हुये स्वामी जी महाराज ने विदेश से भेजे अपने संदेश में कहा कि नेचर, कल्चर और फ्यूचर को सुरक्षित रखना नितंात आवश्यक है। उन्होने कहा कि भारत के उपराष्ट्रपति माननीय श्री वैंकया नायडू जी ने परमार्थ निकेतन अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के विधिवत उद्घाटन के अवसर पर विश्व के लगभग 101 देशों से आये योगियों को सम्बोधित करते हुये कहा था कि नेचर और कल्चर सुरक्षित है तो फ्यूचर सुरक्षित है; भारत सुरक्षित है। अतः जहां भी जायें पर्यावरण एवं जल संरक्षण का संदेश लोगों तक अवश्य पंहुचायें। स्वामी जी ने कहा कि पृथ्वी का प्रत्येक भाग जहां भी हम जाते है वह किसी न किसी जीव एवं पेड़-पौधों का घर होता है अतः उस स्थान पर हम हरियाली की, स्वच्छता की छाप छोड़कर आये ताकि वहां जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण का संदेश मिल सके साथ ही उन सभी के मन में भी पर्यावरण और जल को संरक्षित करने का संकल्प उभरे। हमें भविष्य को बचाना है तो पौधों का रोपन करना होगा। उन्होने कहा कि क्लामेट चेंज एक गंभीर समस्या है अतः इसका समाधान भी गंभीरता के साथ, सभी को मिलकर करना होगा। क्लामेट चेंज के लिये हम सभी जिम्मेदार है; यह समस्या हमारी वजह से उत्पन्न हुई है अतः अब हम सभी को समाधान भी बनना होगा।
मोरिंगा रोपण अभियान में परमार्थ निकेतन परिवार से सुश्री नन्दिनी त्रिपाठी, टीगोल्फ के शिवश सोनी, विनय कुमार, बैकपैकिंग विथ अ पर्पस ग्रुप के सदस्य, अनेक विदेशी सैलानी, गुरूकुल के ऋषिकुमार एवं परमार्थ परिवार के सदस्यों ने सहभाग किया। इस अवसर पर सभी ने पर्यावरण एवं जल के संरक्षण का संकल्प लिया।