’मेरा वतन मेरी जान’ पेड़ों से है देश की शान’-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने अपनी विदेश यात्रा के दौरान अपने मार्गदर्शन और संरक्षण में विश्व के विभिन्न देशों में आयोजित पर्यावरण एवं जल संरक्षण सम्मेलनों के सम्बोधित किया। अपने वतन लौटने के पश्चात उन्होने इस मानसून सत्र में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण करने की घोषणा की। स्वामी जी ने बताया की विभिन्न धर्मो के धर्मगुरू, सरकारी एवं गैर सरकारी संगठन तथा जन समुदाय मिलकर वक्षारोपण करेंगे। इस कार्य की शुरूआत (22 जुलाई) मोथरोवाला, देहरादून में ’क्लीनर-ग्रीनर फ्यूचर’ के अन्तर्गत सर्वधर्म वाटिका में होने वाले वृक्षारोपण समारोह के साथ होगी।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा, ’समय आ गया है कि अब ’पेड़ लगाये-प्यार बढ़ाये’। सभी मिलकर काम करे; मोहब्बत से काम करे; अपने वतन के लिये करे; वतन को चमन बनाने के लिये करे। उन्होने कहा कि वतन को चमन बनाने के लिये मानसून का मौसम बहुत ही प्यारा है, इसको ऐसे ही न जाने दे। इस मौसम में केवल पेड़ ही न लगे बल्कि एक-दूसरे के प्रति प्यार-मोहब्बत को भी बढ़ायें। वर्तमान समय में हमारे देश को प्यार-मोहब्बत के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। अब केवल देश और बस देश; वतन और केवल वतन के लिये कार्य करने की जरूरत है। हमारी अपनी न कोई सोच हो न संकल्प जो हो बस एक संकल्प हो और एक ही सोच हो ’मेरा वतन मेरे लिये’। इसके लिये हम सभी को अपनी छोटी-छोटी सोच से उपर उठना होगा; अपने संकल्पों को महान बनाना होगा; अपने दिलों को विशाल बनाना होगा। स्वामी जी ने कहा कि विशाल हृदय के लोग आगे आ रहे है पेड़ों को लगाकर प्यार का संदेश देने के लिये। इसकी शुरूआत इसी मानसून में होगी। उन्होने कहा कि आदरणीय मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी के पावन संकल्प के साथ मिलकर विभिन्न धर्मों के धर्मगुरू, जन समुदाय और सरकारी और गैरसरकारी संगठन सभी मिलकर करेंगे इण्टरफेथ वाटिका (सर्वधर्म वाटिका) में वृक्षारोपण। स्वामी जी ने इस ऐतिहासिक कार्य के लिये सभी को आंमत्रित किया।’
स्वामी जी ने बताया की सर्वधर्म वाटिका में वृक्षारोपण के पश्चात देहरादून के अन्य हिस्सों यथा रिस्पना से ऋषिपर्णा अभियान, हरिद्वार, सहारनपुर, देवबंध, मुज्जफरनगर और अन्य स्थानों के मदरसों में भी वृक्षारोपण की नवोदित शुरूआत की जायेगी। इन स्थानों पर पेड़ तो लगेगे ही साथ ही साथ प्यार के; संकल्प के भी पेड़ लगेगे तथा इससे समाज में मिलकर कार्य करने का संदेश भी जायेगा। उन्होने कहा कि इन्ही छोटे-छोटे संकल्पांे से एक नई सृष्टि का निर्माण किया जा सकता है। हमारी सभी छोटी-छोटी सोच को पीछे छोड़कर एक नये संकल्प को जन्म दिया जा सकता है और वह संकल्प अपने वतन के लिये कार्य करना। ’मेरा वतन मेरी जान’ पेड़ों से है देश की शान।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के महासचिव मौलाना महमूद मदनी साहब दोनो धर्मगुरू मिलकर विभिन्न मदरसों के लिये कार्य करेंगेे साथ ही मदरसा क्षेत्रों को हरा-भरा और स्वच्छ बनाया जायेगा।
स्वामी जी महाराज ने प्रदेश वासियों का आह्वान किया कि वे कल (22 जुलाई) मोथरोवाला, देहरादून में होने वाले ’क्लीनर-ग्रीनर फ्यूचर’ ऐतिहासिक वृक्षारोपण समारोह में सहभाग कर सृष्टि को हरा-भरा बनाने में योगदान प्रदान करें।