मौलाना मो.यूसुफ जलाल पुरी एक बहुआयामी व्यक्तित्व” पुस्तक का हुआ विमोचन

मऊ| प्रतिष्ठित हस्तियों का जीवन और शख्सियत किसी परिचय की मोहताज नहीं होती उनका व्यक्तित्व स्वयं लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत होता है ये बातें पूर्व शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने अपने पिता पर संकलित किताब “मौलाना मो.यूसुफ जलालपपुरी एक बहुआयामी व्यक्तित्व”पुस्तक का विमोचन करते हुए कहीं ।
ज्ञात हो कि मा.अहमद हसन के पिता पर संकलित 206 पृष्ठ की इस पुस्तक का संकलन मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी लखनऊ के सचिव डा अब्दुल कुद्दूस हाशमी द्वारा किया गया है।
दरअसल पिछले दिनों मऊ के एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने आए पूर्व शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन, उच्च शिक्षा आयोग के चेयरमैन डाक्टर फिदा हुसैन, पूर्व पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल, कोटेक महिन्द्रा बैंक के ब्रांच मैनेजर मोहम्मद ताहिर, ज़की अहमद एडवोकेट, मुन्नू भाई, दीपू सिंह आदि के हाथों इस पुस्तक का विमोचन पूर्व पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल के आवास पर किया गया।
इस अवसर पर अपने पिता स्वर्गीय मौलाना मो.यूसुफ जलालपपुरी पर अपने विचार व्यक्त करते हुए अहमद हसन ने कहा कि मैं उन खुशनसीब इंसानों में से एक हूँ कि मैं मौलाना मो.यूसुफ जलालपपुरी का पुत्र हूँ मेरे पिता कभी किसी मामले में धर्म, जाति, समुदाय व अपने पराए का फर्क नहीं करते थे पिता जी ने स्वयं तो पारम्परिक शिक्षा ग्रहण की परन्तु आधुनिक शिक्षा से उन्हें खास लगाव था उनके द्वारा दिए गए संस्कार का नतीजा है कि मुझे ज़िन्दगी के सफर में कामयाबी मिली, मैं बढ़ता गया और रास्ता बनता गया जीवन के हर दौर में उन्होंने सदैव एक मुकम्मल बाप का फर्ज़ निभाया।
पूर्व पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल ने कहा कि मऊ शहर की तरह टांडा भी हथकरघा, पावरलूम और कपड़ों की बुनाई के लिए जाना जाता है और इसी खटपट की आवाज़ में ही बहुत सारे होनहार बच्चे पैदा हुए और अपने और अपने परिवार के साथ साथ ही देश को भी गौरवान्वित किया और ऐसे ही एक खामोश और प्रभावशाली व्यक्ति टांडा में भी उभरे जिनको दुनिया आज मौलाना यूसुफ साहब के नाम से जानती है मौलवी साहब ने धार्मिक शिक्षा पूरी करने के बाद क्षेत्र से अशिक्षा दूर करने का बेड़ा उठाया और पूरी लगन व मेहनत के साथ अपने क्षेत्र में शैक्षिक वातावरण पैदा करने में लग गए उनके परिश्रम और भरपूर प्रयास का नतीजा है कि क्षेत्र में कई मदरसे स्कूल और कॉलेज महाविद्यालय ज्ञान और विद्या का प्रकाश फैला रहे हैं, हमें भी उनसे सीख लेने की जरूरत है। उन्होंने डाक्टर अब्दुल कुद्दूस को भी बधाई देते हुए कहा कि इस किताब के संकलन से लोगों को एक नई उर्जा और कुछ सिखने का मौका मिलेगा।
उच्च शिक्षा आयोग के पूर्व चेयरमैन डाक्टर फिदा हुसैन ने कहा कि मो.यूसुफ जलालपपुरी के बारे में ज्यादा कुछ बताने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह संकलित किताब सब कुछ बयान कर रही है और उसकी जीती जागती मिसाल मा.अहमद हसन को ही देखा जा सकता है जिन्होंने सर्वोच्च पद पर पहुंच कर गौरवान्वित किया है
ज़की महफूज़ ने मौलाना मो.यूसुफ जलालपपुरी पर संकलित की गई पुस्तक पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि ” बुजुर्गों पर लिखी गयी किताबें हमारे लिए मशअले राह होती हैं, इनहें पढ़कर हम जिन्दगी के बारे में बुजुर्गों के खयालात का पता चलता है,और मंजिल पर पहुँचाना आसान हो जाता है
आपको बता दें कि इस संकलित पुस्तक में मौलाना मो.यूसुफ जलालपपुरी के व्यक्ति पर मा.मुलायम सिंह यादव, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, शारिक अलवी, अहमद हसन, हामिद हसन, अ कुद्दूस हाशमी, नूर मोहम्मद अंसारी, प्रो मलिक ज़ादा मंज़ूर अहमद, राधे मोहन द्विवेदी, अनवर जलाल पुरी, दयानंद वर्मा, हुसैन अमीन, हरिहर प्रसाद सिंह, प्रो सै फज़्ले इमाम रिज़वी, मौलाना कमाल अहमद अशरफी, मौलाना शबीहुलहसन नजफी, डा प्रकाश द्विवेदी, श्री एस एस यादव, श्री राम महन्त आदि ने अपने अपने विचार प्रस्तुत किए हैं।