‘विकास’ के लिए मस्जिद कुर्बान, मुस्लिम समाज ने खुद ढहाई मस्जिद

इलाहाबाद/ देवेश दुबे। इलाहाबाद में अतिक्रमण की जद में आए मस्जिद के एक हिस्से को मुस्लिम समाज के लोगों ने खुद हटा दिया है। जिस शहर में गंगा, यमुना और सरस्वती का मिलन होता है, वहां से गंगा-जमुनी तहजीब का नायाब संदेश मिलना लाज़मी है। यहां कुंभ यात्रियों के लिए सड़क को चौड़ा बनाने के लिए आई मस्जिदों को अल्लाह के बंदों ने खुद ही तोड़ दिया।
नसीरउल्लाह ने बताया कि पूरे इलाहाबाद में सड़क चौड़ी करण का काम चल रहा है। वहीं इस इलाके में सड़क पतली होने की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। जिसे ध्यान में रखते हुए हम लोगों ने खुद ही मस्जिद की दीवार गिराने का निर्णय लिया।
दरअसल कुंभ को लेकर इन दिनों शहर में सड़कें चौड़ी करने का काम चल रहा है…सरकार की तरफ से इलाहाबाद विकास प्राधिकरण इन कामों को कर रहा है…सड़कों को चौड़ा करने कहीं-कहीं धार्मिक स्थान रोड़ा बन रहे थे..ऐसे में छोटी-छोटी बैठक कर सहमति बनाने की कोशिश हुई..लोगों ने विकास के महत्व को समझा..और धर्मस्थान की देखभाल करने वालों ने ही खुद अतिक्रमण से मस्जिद के हिस्से को हटा लिया…
स्थानीय निवासी ने बताया कि हम सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं किसी को भी दिक्कत ना हो इसलिए मस्जिद के कुछ हिस्से को हटाया गया।
बता दें कि इलाहाबाद में सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले कुछ मंदिर भी हटाए गए हैं। रहना में चौराहा की चौड़ाई के लिए काली मां का मंदिर हटाया गया है। जरूपपुर में रोड चौड़ीकरण के कारण एक शिव मंदिर और दारागंज में भी धार्मिक स्थल को हटाया गया है।
इलाहाबाद विकास प्राधिकरण के वाइस प्रेसीडेंट भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि इलाहाबाद में जितनी भी अतिक्रमण हुई जमीने हैं उन्हें स्थानीय लोगों के साथ बातचीत करके खाली कराया जा रहा है।
सड़क के चौड़ीकरण में एडीए द्वारा लाल निशान लगते ही मंदिर मस्जिद के देखभाल करने वालों ने वादा किया था कि विकास के मार्ग में बाधा बन रही मस्जिद और मंदिर को अपने हाथ से हटा देंगे। और ऐसा हो भी रहा है। क्योंकि लोगों का मानना था की अगर ये काम इलाहाबाद विकास प्राधिकरण करेगी तो माहौल खराब हो सकता है। authorities ने भी लोगों के वादे पर विश्वास किया और मस्जिद और मंदिर में कोई तोड़फोड़ नहीं की जिसके बाद धर्मस्थान की देखभाल करने वालों ने अतिक्रमण की जद में आने वाले मंदिरों और मस्जिदों के हिस्से को खुद गिरा दिया।
इलाहाबाद विकास प्राधिकरण के वाइस प्रेसीडेंट भानु चंद्र गोस्वामी बताते हैं कि इलाहाबाद की जनता सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। उन्होंने कहा कि खुद स्थानीय आगे आकर जद में आ रही जमीनों को खाली कर रहे हैं।
बताते चलें कि अगले साल इलाहाबाद में कुंभ मेले का आयोजन होना है कुंभ में शाही स्नान की शुरुआत 15 जनवरी 2019 से होगी। प्रयाग के संगम तट पर लगने वाले इस मेले में लाखों की संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। इतना ही नहीं यूपी सरकार भी कुंभ मेले को विश्व स्तर पर प्रमोट कर रही है। प्रयाग में आखिरी बार साल 2013 में कुंभ आयोजित हुआ था अब अगली बार 2025 में कुंभ मेले का आयोजन होगा लेकिन उससे पहले 2019 में अर्द्ध कुंभ मेले का आयोजन प्रयाग में होना है।