लालकिले के प्राचीर से पीएम मोदी का संकल्प से सिद्धि मंत्र

नई दिल्ली/ प्रदीप दुबे। आजादी की 70वीं सालगिरह पर लालकिले के प्राचीर से पीएम नरेंद्र मोदी का भाषण वैसा ही धारदार रहा, जिसकी उम्‍मीद की जा रही थी। उन्‍होंने केंद्र की सत्ता संभालने के बाद अब तक के कामकाज का लेखा-जोखा पेश किया। समाज के हर वर्ग को जोड़ने की बात कही। आंकड़ों के जरिए आर्थिक तरक्‍की के सपने दिखाए। भ्रष्‍टाचार और कालेधन से निपटने का संकल्‍प दोहराया। लेकिन इस बार उनका भाषण कई मायने में बेहद खास रहा।

धर्म से अटूट नाता

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में ही लोगों को स्‍वतंत्रता दिवस के साथ जन्‍माष्‍टमी की भी बधाई दी। सुदर्शन चक्रधारी मोहन से लेकर चरखाधारी मोहन तक का जिक्र कर यह जता दिया कि विकास के रास्‍ते पर आगे बढ़ते हुए न तो हम आजादी के आंदोलन के अगुवा को भूलेंगे और न ही धर्म और अध्‍यात्‍म की विरासत को भूलेंगे।

सामूहिकता की ताकत बताते हुए उन्‍होंने श्रीकृष्‍ण, गोवर्धन पर्वत, राम, रामसेतु और गिलहरी की कहानी का भी जिक्र किया। कुरुक्षेत्र के मैदान और गीता के दर्शन का जिक्र इस बार भी हुआ। वे पहले भी बड़े मौकों पर ऐसा करते रहे हैं।

समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की चाह

पीएम मोदी ने जता दिया कि वे किसी खास वर्ग को लुभाने की जगह समाज के हर वर्ग को जोड़ने के मिशन पर हैं। ‘समाज में न कोई छोटा है, न बड़ा’ कहकर उन्‍होंने सामजिक और आर्थिक तौर पर पिछड़े वर्ग के दिल पर मरहम लगाने की कोशिश की।

न्‍यू इंडिया का संकल्‍प सामने रखते हुए उन्‍होंने कहा कि एक ऐसे भारत का निर्माण करना है, जहां सभी के लिए समान अवसर मौजूद हों। सामूहिकता की ताकत बताते हुए उन्‍होंने रामसेतु और गिलहरी का भी जिक्र किया।

‘ट्र‍िपल तलाक’ बड़ा मुद्दा है

प्रधानमंत्री ने लालकिले की प्राचीर से ट्र‍िपल तलाक की बात छेड़कर यह जता दिया कि आने वाले दौर में भी ये एक बड़ा मुद्दा बनेगा। उन्‍होंने कहा कि तीन तलाक से पीड़ि‍त बहनों ने देश में एक आंदोलन खड़ा किया, जिसे बुद्ध‍िजीवी वर्ग और मीडिया का भी समर्थन मिला।

मोदी ने एक कदम आगे बढ़कर इस मुहिम का समर्थन करने वालों का हृदय से अभिनंदन किया। साथ ही ऐसी महिलाओं को ये भरोसा भी दिलाया कि उनकी इस लड़ाई में हिंदुस्‍तान मदद करेगा।

जाहिर है, पीएम मोदी ने इस बड़े मौके पर देशवासियों को यह याद दिला दी कि हम तरक्‍की करेंगे, लेकिन धर्म और अध्‍यात्‍म के पन्‍नों से सबक लेने व समाज को एक साथ लेकर चलने में नहीं हिचकेंगे।