केवल जागरण नहीं जागृृति का संदेश देती है महाशिवरात्रि, शिव रात्रि पर लिया शिव संकल्प-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश/ धनंजय राजपूत। विश्व प्रसिद्व विन्यास योग शिक्षक, भारतीय संस्कृति की संवाहक एवं आध्यात्मिक कार्यकर्ता सीन काॅर्न अपने 30 सदस्यों के दल के साथ परमार्थ निकेतन पहुंची। इस दल में अमेरीका, जापान, इटली, जर्मनी, रूस, वियतनाम सहित दुनिया के 12 देशों से आये 30 योग जिज्ञासुओं ने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
अमेरिका की सीन काॅर्न ने पूज्य स्वामी जी के साथ विगत अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर न्यूयार्क में आयोजित कार्यक्रम में भी सहभाग किया था। उन्होने वहां उपस्थित हजारों लोगों को योग कराकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प कराया था। पूज्य स्वामी जी ने उन्हंे न्यूयार्क की धरती पर रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया था। सीन काॅर्न, अपनी योग कक्षाओं के माध्यम से प्रकृति के अभिवादन के लिये भी अनेक योगासनों एवं विचारों के माध्यम से योग जिज्ञासुआंे के चिंतन में परिवर्तन का अद्भुत प्रयास करती है।
योग जिज्ञासुओं के दल से वार्ता करते हुये स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि योग की शक्ति द्वारा आसन और प्राणायाम ही नहीं बल्कि पर्यावरण के परिणामों को भी समझे और धरती योग, नदी योग और स्वच्छता योग पर भी ध्यान दे। उन्होने कहा कि अपनी ’’धरती को शोर से शान्ति की ओर’’ ले जाने हेतु सहयोग प्रदान करें।
परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता एवं ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के संस्थापक स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’’पर्व, हमें ’केवल जागरण नहीं जागृति’ का संदेश देते है। उन्होने कहा कि ’’जागें और जुडें’’ अपनी, प्राणदायिनी नदियों से, प्राण वायु देने वाले वृक्षों से और हमारी प्रकृति से और प्रकृति को अपनी वेलेनटाइन बनाये।’
स्वामी जी महाराज ने अमर शहीद भगतसिंह जी, राजगुरू जी और सुखदेव जी को याद करते हुये देश के युवाओं से आह्वान किया कि हमारे देश के अमर शहीदों की शहादत को न भूलें और भारतीय संस्कृति और संस्कारों के साथ भारत माता की सेवा करें। स्वामी जी ने आज की दिव्य गंगा आरती शहीदों की शहादत को समर्पित की।
स्वामी जी महाराज ने सीन काॅर्न को शिवत्व का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया एवं सभी ने विश्व स्तर पर जल की आपूर्ति होती रहे इस भावना से वाटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की। स्वामी जी महाराज ने सभी योग जिज्ञासुओं को शिव संकल्प कराया। उन्होने कहा कि शिव अर्थात कल्याणकारी, हम सभी को सतत विकास की परिकल्पना को साकार करने के लिये जीवन में शिवत्व को धारण करना होगा।
सीन काॅन ने परमार्थ गंगा तट को योग और ध्यान के लिये श्रेष्ठ बताते हुये विगत अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर, पूज्य स्वामी जी के साथ बिताये पलों को याद किया। उन्होने कहा कि परमार्थ तट की गंगा आरती के माध्यम से दुनिया के अनेक देश प्रतिदिन भारतीय संस्कृति एवं पर्यावरण के संदेशों को आत्मसात करते है। गंगा के तट से बहने वाली इस जागरण की धारा से निश्चित ही पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विलक्षण परिर्वतन होगा, ऐसा मेरा विश्वास है।
वाटर ब्लेसिंग सेरेमनी के अवसर पर सीन काॅन, स्वामिनी आदित्यनन्दा सरस्वती जी, सुश्री नन्दिनी त्रिपाठी जी, लौर, एलिस, ट्रीसा, जून एवं अन्य योग साधक उपस्थित थे।