लापता हुए महंत मामले में संतों ने सीबीआई जांच से किया इंकार

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता और बड़ा अखाड़ा के कोठारी महंत मोहनदास की गुमशुदगी के मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत हरिद्वार पहुंचे। सीएम ने प्रकरण में देरी से संतों के बीच पहुंचने के लिए क्षमा मांगी। वहीं संतों ने सीबीआइ के बजाय स्थानीय पुलिस की जांच पर भरोसा जताया। मुख्यमंत्री ने जांच के लिए प्रदेश स्तर पर एसआइटी बनाकर जल्द महंत का पता लगाने का भरोसा संतों को दिलाया।

बड़ा अखाड़ा के कोठारी महंत मोहनदास का तमाम खोजबीन के बावजूद कुछ पता न चलने और मुख्यमंत्री के अभी तक हरिद्वार संतों के बीच आकर गुमशुदगी की जानकारी न लेने पर संतों में नाराजगी थी। तीन दिन पहले कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के जरिये यह नाराजगी मुख्यमंत्री तक पहुंची थी। दिल्ली में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति से लौटते ही मंगलवार को सीएम त्रिवेंद्र रावत, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक व उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत के साथ बड़ा अखाड़ा पहुंचे।

वहीं बड़ा अखाड़ा के श्रीमहंत महेश्वरानंद, स्वामी हरिचेतनानंद, महामंडलेश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी, स्वामी देवानंद, श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह, महंत बलवंत सिंह समेत कई संतों ने मुख्यमंत्री के सामने महंत मोहनदास का जल्द पता लगाने की मांग रखी। संतों ने सीबीआइ जांच के बजाय स्थानीय पुलिस पर भरोसा जताते हुए हरिद्वार पुलिस की जांच को संतोषजनक बताया।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि लापता महंत मोहनदास को तलाशने के लिए सरकार ने स्पेशल एसआईटी का गठन किया है। हरिद्वार के एसएसपी कृष्ण कुमार वीके टीम को लीड करेंगे। मंगलवार शाम को बड़ा अखाड़ा उदासीन आश्रम पहुंचकर मुख्यमंत्री ने संतों के साथ बैठक के दौरान यह जानकारी दी। इससे पहले सरकार ने मामले की सीबीआई जांच कराने से इनकार कर दिया।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि महंत मोहनदास के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दो बार फोन पर बातचीत की गई है। अखाड़ों के प्रमुख संतों से भी इस मामले में फोन पर बातचीत की गई। संतों की इच्छा के अनुरूप सरकार हर जांच कराने को तैयार है। इससे पहले कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि अखाड़े अगर पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं हैं तो सरकार सीबीआई जांच कराने की भी संस्तुति देने को तैयार है।

मुख्यमंत्री का संतों के बीच आने का प्रमुख कारण यही है कि संत अपनी बात उनके सामने रख सकें। मदन कौशिक ने कहा कि जिस ढंग से पुलिस जांच कर रही है उस पर अविश्वास नहीं किया जा सकता है। इस पर संतों ने सीबीआई जांच से इनकार कर दिया। संतों ने कहा उन्होंने सरकार और पुलिस पर भरोसा है।

इस दौरान महंत माहेश्वर दास, महंत रघुवर मुनि, महामंडलेश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी, स्वामी हरिचेतनानंद, महंत देवानंद, बाबा हठयोगी, महंत दुर्गादास समेत उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, मेयर मनोज गर्ग, नरेश बंसल, पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी आदि मौजूद थे।

आखिर संतों ने क्यों ठुकरा दी सीबीआई जांच

धर्मनगरी में अब तक अखाड़ों के संतों के साथ घटित दस बड़ी घटनाओं का खुलासा न होने के बाद भी संत समाज महंत मोहनदास प्रकरण की सीबीआई जांच से इनकार क्यों कर रहा है? यह सवाल मंगलवार को संतों और सीएम की मुलाकात के बाद हरिद्वार में चर्चा का विषय बना रहा।

मुख्यमंत्री से वार्ता के दौरान संतों ने सीबीआई जांच के बाजाए पुलिस जांच पर ही भरोसा जताया जबकि मुख्यमंत्री के अखाड़े में आने तक सरकार और पुलिस के प्रति संतों के तल्ख तेवर किसी से छिपे नहीं थे। मंगलवार को मुख्यमंत्री अखाड़ा बड़ा उदासीन पहुंचे तो संतों के तल्ख तेवर नरम पड़ गए। संतों ने कहा कि मुख्यमंत्री अखाड़े तक आ गए हैं तो उन्हें अब सरकार और पुलिस दोनों पर पूरा भरोसा है।

अभी तक 10 संत हो चुके लापता

महामंडलेश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि भाजपा सरकार में ऐसा लगता है कि संतों की ही सरकार है, लेकिन अखाड़ा परिषद से जुड़े राष्ट्रीय प्रवक्ता के अचानक गायब होने से संतों में भय बना हुआ है। वहीं स्वामी हरिचेतनानंद ने कहा कि अभी 10 संत लापता हो चुके हैं। 11वें संत मोहनदास का भी कुछ पता नहीं चल पा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक 10 संत लापता होने की जानकारी ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।

सीएम ने हरिद्वार पुलिस को दी बधाई

हरिद्वार पुलिस को लेकर संतों की नरमी को देखकर मुख्यमंत्री ने भी हरिद्वार पुलिस की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि किडनी कांड का खुलासा कर 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। किडनी कांड के खुलासे की शुरुआत हरिद्वार से हुई, इसके लिए वह हरिद्वार पुलिस को बधाई देते हैं।