लक्ष्मी सिद्धि साधना के जरिये सुधांशु जी महाराज ने दी वेशक़ीमती जीवन सूत्र।

नई दिल्ली/ राम महेश मिश्र। दीपावली के पाँच दिन पहले आज हुआ श्री लक्ष्मी-गणेश पूजन। लगभग १,२०० लोगों ने की विशेष साधना। फ़रीदाबाद (हरियाणा) के सत्संग महोत्सव मंच से विजामि प्रमुख आचार्य श्री सुधांशु जी महाराज ने श्री लक्ष्मी सिद्धि साधना में करायीं विशेष प्रार्थनाएँ। दिए अनेकों वेशक़ीमती जीवन सूत्र। सबने अपने लिए माँ-प्रभु से कुछ न कुछ माँगा। हमने भी भावभरे अन्त:करण से याचना की, जिन्हें अपने परिचितों, मित्रों, सम्बन्धियों तथा सम्पूर्ण राष्ट्र व विश्व के समक्ष घोषित करने का मेरा मन हुआ है। कुल ५ चीज़ें माँगने का निर्देश मंच से मिला था। हमने माँगा:-

१. देश-दुनिया के सभी जन सुखी हों, सबको सदबुद्धि मिले। गायत्री सबके जीवन में फले।
२. यह विश्व शान्त बने, ये दुनिया रहने लायक बने।
३. ऋषि-राष्ट्र भारतवर्ष के पूज्य सन्त, मौलाना, ग्रंथी, पादरी, सभी धर्मगुरु नैतिक बनें और चरित्र व ईमान दोनों से ऊँचे बनें, देशप्रेमी बनें, प्रभुनिष्ठ व जननिष्ठ बनें; वे जो कहें वही करें। ऐसा करके वे समाज के शेष तीनों प्रमुख अंगों- राजतन्त्र, धनतन्त्र और मनीषातन्त्र का मार्गदर्शन करने लायक बन सकें। वर्तमान समय का निम्न प्रवाह अब ऊर्ध्वगामिता का मार्ग पकड़े।
४. मेरे अपने परिवार-कुटुम्ब के सभी स्वजन अपने पुरखों और बड़ों की संघर्षपूर्ण तपस्या का आदर करें, सभी स्थापित मर्यादाओं की क़द्र करें, उनकी पगड़ी (टोपी) की रक्षा करें, अपने पूर्वजों की प्रतिष्ठा को उठायें और उसे कभी भी गिरने न दें।
५. सभी का कल्याण हो। रामत्व का उत्कर्ष हो और रावणत्व का शमन हो। चिर-प्रतीक्षित इक्कीसवीं सदी उज्ज्वल भविष्य वाली बनें, न कि विनाशकारी शताब्दी।

प्रभु मेरी, हमारी, हम-सबकी ये प्रार्थनाएँ स्वीकार करें।