कुम्भ मेले की रौनक बरकरार, लोक कलाकारों ने मोहा देसी-विदेशी श्रद्धालुओं का मन

प्रयागराज/ मनीष दुबे। कुम्भ 2019 अपने आखिरी पड़ाव पर है. 4 मार्च यानि महाशिवरात्रि के स्नान के बाद कुम्भ 2025 में फिर आने के लिए विदा लेगा. आज तैतालिसवें दिन भी कुम्भ मेले के उत्सव में उत्साह और उमंग बरकरार है. कुम्भ आने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ चाहे वे गांव के हों या शहर के या फिर विदेशी मेहमान, दुनिया भर से आये आगंतुकों के लिए देश और प्रदेश की संस्कृति के सभी रंग कुम्भ के सांस्कृतिक मंचों पर दिखाई दे रहे हैं जो यहां आने वाले श्रद्धालुओं की थकान भी मिटा रहे हैं और उनके चेहरे पर मुस्कान भी खिला रहे हैं. उत्तरप्रदेश संस्कृति विभाग के विशेष प्रयासों से कुम्भ परिसर और प्रयागराज शहर में चल रहा सांस्कृतिक उत्सव सर्वदा स्मरणीय है.

रोज़ाना की तरह आज भी प्रयागराज शहर के सांस्कृतिक मंचों पर कलाकारों का बोलबाला रहा. किला चौराहे, अक्षयवट मंच और भारद्वाज मंच के निकट बने सांस्कृतिक मंचों पर आज कुरुक्षेत्र की कलाकार ऋचा चौहान ने लोक नृत्य पेश किया तो वहीं लखनऊ की गायिका सुप्रीति चौधरी ने मधुर भजन प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोहा. केपी इंटर कॉलेज, लेप्रोसी मिशन चौराहे और सरस्वती घाट -नैनी ब्रिज के पास बने सांस्कृतिक मंचों पर गोरखपुर के कलाकार चंदन यादव का लोक नृत्य हुआ तो उनके जवाब में लखनऊ के हिमांशु गुप्ता ने भारत के पारम्परिक कठपुतली खेल का प्रदर्शन कर दर्शकों को बता दिया कि कठपुतली कला आज भी जीवित है और यदि समाज का सहयोग मिलेगा तो उसका अस्तित्व संकट में कभी नहीं आएगा.
संस्कृति ग्राम चौराहे, अरैल सेक्टर 19 और वल्लभाचार्य मोड़ के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर हरियाणा के कलाकार कार्तिक शर्मा ने लोक नृत्य प्रस्तुत किया तो वहीं लखनऊ के गायक बालकृष्ण शर्मा के लोक गीतों ने सुरों से समा बाँध दिया. बालसन चौराहे, इंद्रमूर्ति चौराहे और बैंक चौराहे के पास बने सांस्कृतिक मंचों पर प्रयागराज के कलाकार रघुराज सिंह यादव के लोक नृत्य का कार्यक्रम हुआ जिसके जवाब में लखनऊ के भारतीय नारी सम्मान और बाल विकास संस्थान ने एक सन्देश पूर्ण नाटक की सार्थक प्रस्तुति से दर्शकों की प्रशंसा अर्जित की.

सुभाष चौराहे, सिविल लाइंस बस स्टॉप और पत्थर वाले चर्च के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर लखनऊ की संस्था सत्यपथ ने जहां नाटक का मंचन करके दर्शकों का मनोरंजन किया वहीं लखनऊ के कन्हैयालाल यादव ने लोक गीतों की सुरीली प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया. विश्वविद्यालय तिराहे और राजापुर ट्रैफिक चौराहे के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर प्रयागराज के कलाकार प्रेमचंद यादव ने लोकगीत प्रस्तुत किये तो लखनऊ के नाटककार संजय तिवारी ने एक मनोरंजक नाटक की सशक्त प्रस्तुति से दर्शकों को तालियां बजाने को विवश कर दिया.
हीरालाल हलवाई चौराहे, हाथी पार्क और प्रयागराज जंक्शन के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर प्रयागराज के गौरी शंकर नादान ने लोकगीतों का मनोहारी कार्यक्रम प्रस्तुत किया तो फीरोजाबाद की जादूगर देव एंड पार्टी ने मैजिक शो दिखा कर हैरान दर्शकों से खूब तालियां बजवाईं.