कुम्भ मेला आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन – स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं प्राविधिक शिक्षा मंत्री श्री आशुतोष टंडन ‘‘गोपाल जी’’ एवं दिव्य प्रेम मिशन से पधारे श्री संजय चर्तुवेदी जी पहुँचे। उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं प्राविधिक शिक्षा मंत्री श्री आशुतोष टंडन ‘‘गोपाल जी’’ ने शिष्टाचार भेंट की। उन्होंनें परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता एवं ग्लोबल इण्टर फेथ वाॅश एलायंस के संस्थापक स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज को कुंभ मेला-2019 में सम्मिलित होने के लिये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ की ओर से आमंत्रित किया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए प्रयागराज में आयोजित हो रहे कुंभ मेले को सकुशल सम्पन्न होने की कामना की। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी का हृदय से आभार व्यक्त किया।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने और श्री आशुतोष टंडन ‘‘गोपाल जी’’ ने चर्चा के दौरान गंगा नदी का प्रवाह अविरल बनाए रखने और गंगा को प्रदूषण मुक्त करने, पौधरोपण, गंगा को हरीतिमा अभियान, इलाहबाद कुंभ नगरी से हरीतिमा अभियान, हर प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति तक शुद्ध जल व शुद्ध प्राणवायु की उपलब्धता, प्रत्येेक परिवार के लिये शौचालय सुविधा उपलब्ध कराना, स्वच्छता, पर्यावरण, वृक्षारोपण आदि विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि इस बार का कुम्भ अद्वितीय कुम्भ होगा और उन्होंने कहा कि बीच-बीच में मैं कई बार प्रयागराज गया हुँ हर बार वहाँ कुछ नया, कुछ बढ़िया, कुछ दिव्य-भव्य होता जा रहा है इस बार का कुम्भ अविस्मरणीय अलोकिक कुम्भ होगा। भारत के यशस्वी, तपस्वी और ऊर्जावान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा और नेतृत्व में और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के सानिध्य एंव कुशल संचालन में लगभग 15 करोड़ लोग पहली बार किसी एक ऐसे मेले में आयेगें जहाँ से लोगों को भारतीय संस्कृति को नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा।  परमार्थ निकेतन ऋषिकेश व ग्लोबल इण्टरफेथ वाॅश एलायंस द्वारा कई तरह की सांस्कृति गतिविधयों के साथ साथ, “एक भारत एंव श्रैष्ठ भारत” तथा किस तरह से सतत् विकास व सुरक्षित विकास हो इस के साथ ही महात्मा गाँधी जी के दिये हुए मूल्यों तथा स्वछता, समरस्ता, सदभाव के संदेश को किस तरह से अपने जीवन का अंग बनाया जा सकता है ऐसे अनेको बिन्दुओं पर मंथन होगा तथा उस मंथन से जो अमृत बाहर निकलेगा वो पूरे भारत से पूरे विश्व को संगम के तट से संगम का संदेश देगा।
श्री आशुतोष टंडन ‘‘गोपाल जी’’ एवं उनके साथ आये अधिकारियों  का परमार्थ के ऋषिकुमारों ने पुष्प वर्षा, शंखध्वनि एंव वेद मंत्रों के साथ जोरदार स्वागत किया हिन्दू धर्म में ”अतिथि देवो भवः“ होता है।
श्री आशुतोष टंडन ‘‘गोपाल जी’’ ने कहा परमार्थ निकेतन आकर अतीव आनन्द हुआ। दिव्यता तो यहाँ के कण-कण में बसती है। परमार्थ निकेतन ने जो दिव्यता व भव्यता के साथ  भारतीय संस्कृति के लिये जो कार्य किया है वो प्रश्ंासंनीय व अनुकरणीय है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि हमारे उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी गंगा जी के लिये सचमुच पूरे मनोयोग से जुटे हुये है और नमामि गंगे जो प्रधान मंत्री जी का पावन संकल्प है उसे पूर्ण करने में जी जान लगा रहे है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने श्री आशुतोष टंडन ‘‘गोपाल जी’’ एवं श्री संजय चर्तुवेदी जी को पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया तथा विश्व स्तर पर स्वच्छ जल एवं स्वच्छता की उपलब्धता के लिये वाटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की।