दिव्य कुम्भ परिसर की यात्रा, कुम्भ यात्रा और तीर्थ यात्रा दोनों -त्रिवेन्द्र सिंह रावत

प्रयागराज/ सदाकत हुसैन। परमार्थ निकेतन शिविर में परमार्थ निकेतन और अखाड़ा परिषद के संयुक्त तत्वाधान में मेदान्ता हास्पिटल, गुरूग्राम के चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा कल्पवासियों एवं तीर्थ यात्रियों के लिये आयोजित चिकित्सा शिविर का उद्घाटन, उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री श्री मदन कौशिक, महंत स्वामी नरेन्द्र गिरि जी महाराज, स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं अन्य पूज्य संतों ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
कुम्भ में आये श्रद्धालुओं के लिये निःशुल्क ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, ईसीजी, एबीपी, पीएफटी (पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट) एवं दवाईयों की सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही है तथा किसी इमरजेन्सी हेतु एडवान्स लाइफ सपोर्ट एम्बुलेन्स सुविधा परमार्थ निकेतन शिविर में उपलब्ध है। चिकित्सा सुविधाओं के साथ परमार्थ निकेतन शिविर से स्वच्छ एवं स्वस्थ रहने का संदेश भी प्रतिदिन प्रसारित किया जा रहा है।
प्रयागराज कुम्भ मेला क्षेत्र में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नंगे पैर यात्रा की उन्होने कहा कि ’’यह कुम्भ यात्रा और तीर्थ यात्रा दोनों है’’। सन 1953 के कुम्भ में भारत के प्रथम राष्ट्रपति महामहिम डाॅ राजेन्द्र प्रसाद जी आये थे और उन्होने भी निष्ठा और आस्था का प्रतीक पैदल यात्रा की थी आज उस पल की याद आई जब मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड भी कुम्भ के पावन क्षेत्रों की पैदल नंगे पैर यात्रा कर रहे हैं।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि मेदान्ता अस्पताल की टीम परमार्थ निकेतन के साथ मिलकर कुम्भ में अपनी चिकित्सा सेवा उपलब्ध करा रहे हैं, यह बहुत बड़ा कार्य है इसके लिये मैं पूरी मेदान्ता टीम का धन्यवाद करता हूँ। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि कुम्भ के महासंगम में आस्था की डुबकी के साथ सेवा और समर्पण भी नितांत आवश्यक है। मेदान्ता के चिकित्सक द्वारा उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधायें कल्पवासियों को प्रदान की जा रही है, वास्तव में वे साधुवाद के  पात्र है। उन्होने कहा कि ’’मानव सेवा ही माधव सेवा है; प्रत्येक नर में नारायण का वास है, नर सेवा ही नारायण सेवा है।’’
महंत स्वामी नरेन्द्र गिरि जी महाराज ने मेदान्ता की पूरी टीम को धन्यवाद देते हुये कहा कि स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज की कृपा से मेदान्ता चिकित्सा टीम परमार्थ निकेतन के साथ मिलकर सभी अखाड़ों में जाकर सभी को तथा कल्पवासियांे को निःशुल्क चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध करायेगी। उन्होने कहा कि विश्वविख्यात अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा चिकित्सा सुविधायें प्रदान की जा रही है यह अद्भुत कार्य है। पूरा अखाड़ा परिषद इसके साथ है तथा इन चिकित्सा सेवाओं का अभिनन्दन करता है।
चिकित्सा शिविर के उद्घाटन अवसर पर मेदान्ता के सभी चिकित्सक, जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी, सुश्री नन्दिनी त्रिपाठी, सुश्री पावनी, स्वामिनी आदित्यनन्दा, अमित जी, कामेश जी, रमेश जी, सैमुअल जी, लक्की जी एवं अन्य परमार्थ परिवार के सदस्य एवं देशी विदेशी श्रद्धालु उपस्थित थे।