किन्नर अखाड़ा देशभर में चलाएगा भ्रूण हत्या के खिलाफ जागरुकता अभियान

प्रयागराज/ देवेश दुबे। भ्रूणहत्या के खिलाफ किन्नर समाज ने पहल की है। भ्रूणहत्या रोकने को किन्नर अखाड़ा जिला स्तर पर किन्नरों की टीम गठित कर रहा है। अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी खुद उस पर मॉनिटरिंग करेंगी। लक्ष्मीनारायण सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एड्स की रोकथाम के लिए काम कर चुकी हैं।
किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने कहा कि भ्रूणहत्या सामाजिक और धार्मिक रूप से महापाप है। शास्त्रों में जिस बेटी को शक्ति स्वरूपा कहा गया है, उसकी हत्या कैसे की जा सकती है? समाज से बेटी, बेटा व किन्नर में भेद खत्म करके सबको समान अधिकार व सम्मान दिलाने की जरूरत है। किन्नर अखाड़ा समाज की हर विकृति को खत्म कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
हालांकि भ्रूणहत्या रोकने के लिए कानून तो बना है, लेकिन उसका प्रभाव कम नजर आ रहा है। आज भी भ्रूणहत्या चल रहा है। किन्नर अखाड़ा उसे रोकने के लिए आगे आया है। किन्नरों का दखल हर घर व अस्पतालों में है। उन्हें पता होता है कि किस घर में बच्चा जन्म लेने वाला है उसकी जानकारी उन्हें रहती है। ऐसे में अगर कोई भ्रूणहत्या कराता है तो किन्नर आसानी से उसकी पहचान कर लेंगे।
किन्नर अखाड़ा ने भ्रूणहत्या रोकने का प्रभारी श्रीमहंत कमल को बनाया है। कमल संतानहीन महिलाओं की गोदभराई करके उन्हें मां बनने का आशीर्वाद देती हैं। कमल हर जिला में किन्नरों की टीम बनाकर भ्रूणहत्या के लिए काम कराएंगी। जिला की टीम मुहल्लास्तर पर टीम बनाएगी। अभी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, बंगाल व बिहार में ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।
किन्नर अखाड़ा के मुताबिक अभी तक 23 जिलों में टीम बन चुकी है। टीम के सदस्य घरों के साथ स्थानीय अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड सेंटर्स पर नजर रखेंगे। कोई भ्रूणहत्या करता या कराता है तो उसकी रिपोर्ट श्रीमहंत कमल को देंगे। कमल संबंधित जिला के जिलाधिकारी व सीएमओ से संपर्क करके कार्रवाई कराएंगी।
भ्रूणहत्या के खिलाफ काम करने वाले किन्नरों को किन्नर अखाड़ा सम्मानित करेगा। जो किन्नर भ्रूणहत्या करने व कराने वालों को पकड़वाएगा उसे सम्मानित किया जाएगा। साथ ही किन्नर अखाड़ा में पदोन्नति की जाएगी।