अगर मुसलमान केस जीते तो हिंदुओं को दे दें जमीन- मौलाना कल्बे सादिक

मुंबई/ अमित यादव। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वाइस प्रेसिडेंट और शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे सादिक ने कहा कि अगर बाबरी विवाद पर फैसला मुस्लिमों के हक में हो तो उन्हें जमीन खुशी से हिंदुओं को दे दी चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि अगर फैसला मुस्लिमों के हक में नहीं आया तो उन्हें शांति से उसे मंजूर कर लेना चाहिए। बता दें कि शिया वक्फ बोर्ड ने 8 अगस्त सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि अयोध्या में मस्जिद विवादित जगह से कुछ दूरी पर मुस्लिम बहुल इलाके में बनाई जा सकती है। बोर्ड अयोध्या मामले में रिस्पॉन्डेंट नंबर 24 है। हालांकि, उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट की सुनवाई में हिस्सा नहीं लिया था। जो अपनी प्यारी चीजें दूसरों को देता है, बदले में उसे हजारों चीजें मिलती हैं…

दरअसल मुंबई में वर्ल्ड पीस एंड हारमनी कॉन्क्लेव में कल्बे सादिक ने बाबरी विवाद मुद्दे पर देश में अमन और शांति की बात कही। उन्होंने कहा, कि हमें देश की सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है। अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला मुस्लिमों के पक्ष में आता है तो उन्हें विवादित जमीन पर अपना दावा छोड़ देना चाहिए। फैसला जो भी आए, दोनों ही पक्षों को उसका सम्मान करना चाहिए। जो अपनी सबसे प्यारी चीज दूसरों को देता है, बदले में उसे हजारों चीजें मिलती हैं।

बाबरी मस्जिद विवाद मामले पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि विवादित जमीन हिन्दुओं को मिलनी ही चाहिए। मेरा मानना है कि एक मस्जिद चली जाएगी, लेकिन करोड़ों दिल मिल जाएंगे। यह मसला हिन्दू-मुस्लिम का नहीं है, यह देश का मसला है।”

प्रोग्राम में मौजूद केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन, पुरुषोत्तम रुपाला और बाबा रामदेव ने कल्बे सादिक के बयान का स्वागत किया। डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा, “मौलाना साहब ने हमारा दिल जीत लिया है। भगवान राम न तो हिंदुओं के हैं, न मुस्लिमों के, भगवान राम भारत की आत्मा हैं।”