महाकुंभ की आध्यात्मिक सरिता में प्रदर्शनी, शास्त्रीय नृत्य के साथ संगीत की बहेगी वैतरिणी

प्रयागराज/ देवेश दुबे। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आस्था के महापर्व कुंभ 2019 का आगाज हो गया है। देश-विदेश से कलाकारों के आने का सिलसिला शुरु हो चुका है। ये कलाकार संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित कला कुंभ अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। दरअसल कुंभ की आध्यात्मिक सरिता में प्रदर्शनी, शास्त्रीय नृत्य के साथ संगीत की वैतरिणी बहेगी। कला प्रेमियों को कुंभ में धर्म, शास्त्र, आस्था के साथ कला के संगम का दर्शन होगा। 50 दिवसीय आयोजन में पद्मविभूषण, पद्मभूषण, पद्मश्री सम्मानित कला विभूतियां मंच पर सुशोभित होंगी।
15 जनवरी से 4 मार्च 2019 तक प्रयागराज में होने वाले कुंभ में संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, स्पिक मैके व संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के सहयोग से सांस्कृतिक मंच सजाया गया है। अनहद नाद, द अनहद साउंड नाम से मेले में सांस्कृतिक समारोह होगा। समारोह में भारतीय शास्त्रीय संगीत व नृत्य की विविधिता का दर्शन होगा। 17 जनवरी से 23 फरवरी तक विभिन्न आयोजन स्पिक मैके की ओर से होंगे। स्पिक मैके ने प्रत्येक राज्यों से 50 छात्रों को आमंत्रित किया है। 17 जनवरी को शुभारंभ पर पद्मश्री भारती शिवाजी मोहिनी अट्टम की प्रस्तुति होगी। डॉ. एन राजम द्वारा वायलिन की प्रस्तुति होगी। कथक सम्राट बिरजू महाराज भी फरवरी में संगम के साक्षी होंगे।

संस्कृति विभाग द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक कला कुंभ के सांस्कृतिक मंच पर पद्मश्री भारती शिवाजी, मोहिनीअट्टम, पद्मभूषण डॉ. एन. राजम वायलिन, पद्मश्री गुंडेचा ब्रदर्स ध्रुपद, पद्मश्री उस्ताद शहीद परवेज सितार, पद्मभूषण पं. विश्वमोहन भट्ट मोहन वीणा, पद्मभूषण डॉ. एल. सुब्रमण्यम कर्नाटक वायलिनद्ध, कैवल्य कुमार गौरव भारतीय गायन, पं. विनायक तोरवी गायन, पं. नित्यानंद हल्दीपुर बांसुरी, पद्मविभूषण पं. शिव कुमार शर्मा संतूर, पद्मश्री उस्ताद वसीफुद्दीन डागर ध्रुपद, हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन ओमकार दादरकर, पद्मश्री पं. संतूर भजन सोपोरी, पं. रोनू मजूमदार बांसुरी, पद्मभूषण विकास विनायक राम घाटम, पं. ऋत्विक सान्याल ध्रुपद, विदुषी रामा विद्यानाथन भरतनाट्यम, पं. तरुण भट्टाचार्य संतूर, पद्मभूषण विदुषी उमा शर्मा कथक, विदुषी श्रुति सादोलीकर हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन, पद्मभूषण टी.वी. शंकरनारायणन कर्नाटक गायन, विदुषी मालविका मित्रा क थक, पं. संजीव अभ्यंकर गायन, कपिला वेणु कुडियाट्टम, डॉ. प्रभा अत्रे हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन, पं. कुशाल दास सितार, विदुषी आर वेदवल्ली कर्नाटक गायन, डॉ. एम. मंजूनाथ कर्नाटक वायलिन, पद्मभूषण बेगम परवीन सुल्ताना हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन, पद्मभूषण पं. राजन मिश्र और पं. साजन मिश्र हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन और और मुंबई के राधे श्याम पाल ‘बंदा वैरागी’ अपने बैंड ग्रुप के साथ गायन पेश करेंगे। 12 से 15 फरवरी तक चलने वाले नृत्योत्सव कार्यक्रम में पद्मविभूषण पंडित बिरजू महाराज कथक, पद्म विभूषण सोनल मानसिंह राज्यसभा सांसद ओडिसी नृत्य, विदुषी सुजाता महापात्रा ओडिसी, प्रियदर्शनी गोविंद भरतनाट्यम, पद्मश्री कलामंडलम गोपी कथक, पंडित राजेंद्र गंगानी कथक, विदुषी पद्मश्री गीता चंद्रन भरतनाट्यम, पद्मश्री घनाकांता बोरा शत्रिया, पद्मश्री गुरु थानिल सिंह पुंगचोलोम, कपिला वेणु कूडियामट्टम, विदुषी वैजयंती काशी मंच को सुशोभित करेंगे।