विराट भक्ति सत्संग महोत्सव का तीसरा दिन, जालन्धर के महापौर एवं पंजाब के मुख्य संसदीय सचिव ने की शिरकत

जालन्धर/ नेहा मिश्रा। विश्व जागृति मिशन के जालन्धर मण्डल द्वारा आयोजित चार दिनी सत्संग महोत्सव के तीसरे दिवस के सांध्यक़ालीन सत्र में सन्तश्री सुधांशु जी महाराज ने गुरु-शिष्य सम्बन्धों पर बड़ा मार्मिक प्रकाश डाला। उन्होंने इस भावनात्मक सम्बन्ध को अनूठा दिव्य व अलौकिक रिश्ता बताया और कहा कि जब सुयोग्य गुरु और सुपात्र शिष्य का मिलन होता है, तब भूलोक पर अभिनव रचनाओं का अभ्युदय होता है तथा कुछ ऐसा घटित होता है, जिससे उस समाज और देश का भाग्य बदल जाता है।

विश्व जागृति मिशन के कल्पनापुरुष श्री सुधांशु जी महाराज ने साईं दास स्कूल परिसर में उपस्थित हज़ारों ज्ञान-जिज्ञासुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि परमात्मा जब-जब जैसी आवश्यकता होती है, उसी अनुसार वह अपने प्रतिनिधि को गुरुरूप में पृथ्वी पर भेजते हैं। उन्होंने श्रीकृष्ण-अर्जुन, समर्थ गुरु रामदास-शिवाजी, रामकृष्ण-विवेकानन्द, विरजानन्द-दयानन्द, चाणक्य-चन्द्रगुप्त आदि इतिहासप्रसिद्ध कई गुरुओं एवं शिष्यों का ज़िक्र किया और कहा कि गुरु-शिष्यों ने मिलकर कई बार इस राष्ट्र को सशक्त बनाया है और भारत को महाभारत के रूप में निरूपित किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती तो तेजस्वी, तपस्वी एवं संघर्षशील गुरुओं तथा उनके महावीर शिष्यों की पुण्य-परम्परा के कारण “गुरुओं की पावन धरती” के रूप में विश्वविख्यात हो गयी।

श्री सुधांशु जी महाराज ने आरोग्यता को जीवन का और इस धरती का सबसे बड़ा वरदान कहा। उन्होंने निरोग जीवन, आत्मनिर्भर जीवन, दृढ़निश्चयी जीवन, प्रेमपूर्ण पारिवारिक जीवन और सामाजिक एवं राष्ट्रीय एकता के व्यावहारिक सूत्र जनमानस को दिए। उन्होंने ज्ञानरूपी पिता और भक्तिरूपी माँ की उँगली सदैव पकड़े रहने का परामर्श सभी को दिया।

जालन्धर के मेयर श्री जगदीश राजा और पंजाब सरकार के पूर्व मुख्य संसदीय सचिव श्री के.डी.भण्डारी सत्संग स्थल पहुँचे और सन्तश्री सुधांशु जी महाराज का अभिनंदन किया। उन्होंने मिशन प्रमुख महाराजश्री के आध्यात्मिक सन्देशों को सुना और उन्हें सबके लिए कल्याणकारी बताया।

विश्व जागृति मिशन के स्थानीय प्रधान श्री सुरेन्द्र चावला ने बताया कि रविवार को मध्याह्नकाल मन्त्रदीक्षा का कार्यक्रम सम्पन्न होगा, जिसमें कई सौ स्त्री-पुरुष आचार्य सुधांशु जी महाराज से गुरुदीक्षा लेंगे। पंजाब सहित आसपास के प्रान्तों से आए पूर्वदीक्षित कार्यकर्ता भी नवदीक्षितों के साथ मौजूद देंगे। विजामि के निदेशक श्री राम महेश मिश्र ने बताया कि एक निजी टीवी चैनल द्वारा आज के सत्संग कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भारत सहित विश्व के १२८ देशों में किया गया। उन्होंने बताया कि सत्संग महोत्सव का समापन रविवार को सायंकाल होगा।