जालन्धर में विराट भक्ति सत्संग का हुआ श्रीगणेश, 18 फ़रवरी को होगा सत्संग समारोह का समापन

जालन्धर/ नेहा मिश्रा। विश्व जागृति मिशन नयी दिल्ली के जालन्धर मण्डल के तत्वावधान में चार दिवसीय विराट भक्ति सत्संग महोत्सव का आज साईं स्कूल प्रांगण में विधिवत श्रीगणेश हो गया।मिशन के संस्थापक-संरक्षक सन्तश्री सुधांशु जी महाराज ने उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए कहा कि समाज एवं राष्ट्र निर्माण का रास्ता आत्मनिर्माण से होकर गुज़रता है। अपने आपका निर्माण इस धरती का सबसे बड़ा कार्य है। इन्होंने गीता के प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

श्री सुधांशु जी महाराज ने इस अवसर पर कहा कि श्रीमदभगवदगीता हारे हुए को जिताती है, पलायन को रोककर लक्ष्य-उन्मुख करती है, असफल को सफल बनाती है, विषाद को प्रसाद में बदलती है, कायर मन को वीरता से भरती है, दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदल देती है।उन्होंने गीता को मरणधर्मा व्यक्ति को दिया गया अमृत-सन्देश बताया और कहा कि गीतानायक श्रीकृष्ण ने हर परिस्थिति में कर्म करने का उपदेश किया है। उन्होंने सभी से अपने जीवन को उपयोगी बनाने तथा सदैव विद्यार्थी बनकर नया-नया सीखते रहने को कहा।

विश्व जागृति मिशन के जालन्धर मण्डल प्रधान श्री सुरेन्द्र कुमार चावला ने बताया कि सत्संग महोत्सव का समापन 18 फ़रवरी की सायंकाल होगा। रविवार को ही मध्यांहकाल सामूहिक दीक्षा का कार्यक्रम सम्पन्न होगा। महोत्सव का मंचीय समन्वयन एवं संचालन मिशन के निदेशक श्री राम महेश मिश्र ने किया।