भारत के शहीदों को शत-शत नमन-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश। परमार्थ गंगा तट पर होने वाली दिव्य गंगा आरती को शहीद हमीर पोखरियाल, शहीद मनदीप रावत कोटद्वार एवं देश पर अपनी जान कुर्बान करने वाले शहीदों को समर्पित की। उनकी शहादत को याद करते हुये परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और पूरे विश्व से सैकड़ों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने दो मिनट मौन रखकर देश के लाल शहीद हमीर पोखरियाल को नम आखों से भेंट किये अश्रु पुष्प।
इस अवसर पर स्वामी जी महाराज और साध्वी आभा सरस्वती जी ने देश भक्ति गीतों के माध्यम से वहां उपस्थित ऋषिकुमारों एवं श्रद्धालुओं को भारत के गौरवशाली इतिहास और अगस्त क्रन्ति के विषय में जानकारी प्रदान की।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि भारत का इतिहास आदि काल से ही गौरवशाली एवं स्वर्णिम रहा है। भारत ने शान्ति की स्थापना के लिये अनेक क्रान्तियां की परन्तु कभी भी उसके लिये किसी पर आक्रमण नहीं किया और किसी आक्रांता ने हम पर युद्ध थोपा तो उसका मुहं तोड जवाब दिया पर कभी भी युद्ध की पहल नहीं की, बुद्ध की संस्कृति वाले इस देश ने कभी भी युद्ध की पहल नहीं की। अगस्त क्रान्ति में भी हमारी स्वतंत्रता की अभूतपूर्व यादें समायी हुयी है। उन्होने कहा कि नौ अगस्त का दिन उस यादगाद दिन है जब महात्मा गांधी जी ने भारत छोड़ो आन्दोलन के रूप में आजादी की अंतिम जंग का ऐलान किया था।
स्वामी जी महाराज ने भारत के शहीदों की शहादत को याद करते हुये कहा कि धन्य हैं ये भारत के लाल जो अपनी जान की परवाह न करते हुये अपने वतन के लिये मर मिटते हैं। और उन्होने शहीदों के परिवार वालों को नमन करते हुये कहा कि अपनों की शहादत के पश्चात भी देश प्रेम का जज्बा रखने वाले हमारे देशवासी वास्तव में नमन करने योग्य है। दुख की इस हृदयविदारक घड़ी में ईश्वर शहीद हमीर के परिवार वालों को भी इस क्षण से उबरने की शक्ति प्रदान करे। उन्होने कहा कि हम सब और पूरा देश शहीद हमीर पोखरियाल, शहीद मनदीप रावत और देश पर कुर्बान होने वाले अन्य सभी शहीदों के परिवारों के साथ है।
आरती में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने शहीद हमीर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर दक्षिण अफ्रिका से आये श्री अजय गुप्ता, गुप्ता जी माताजी अंगूरी देवी, श्री टोनी गुप्ता एवं परिवार के अन्य सदस्य, दिल्ली से आये शिव खेमका एवं विश्व के अन्य देशों से आये लोगों ने परमार्थ गंगा आरती में सहभाग किया और देश के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही सभी अतिथियों ने शिवरात्रि के पावन अवसर कावड़ यात्रा की सफलता के लिये शिवाभिषेक किया।