स्वामी चिदानन्द सरस्वती और केन्द्रीय मंत्री हर्षवर्धन की खास मुलाकात में तय हुई दो लाख वृक्षारोपण की योजना

ऋषिकेश/ धनंजय राजपूत। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री हर्षवर्धन एवं परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के सह-संस्थापक एवं गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज की दिल्ली में बैठक सम्पन्न हुई।

स्वामी जी ने गंगा नदी की वर्तमान स्थिति के विषय में चर्चा करते हुये कहा कि गंगा तथा देश की विभिन्न नदियों के तटों पर स्वच्छता के साथ हरित गलियारा बनाना नितांत आवश्यक है इससे जलिय जीवन भी प्रदूषण से प्रभावित नहीं होगा। साथ ही पार्क एवं खाली पड़ी बंजर जमीन पर वृक्षारोपण करने हेतु विचार विर्मश किया गया।

स्वामी जी ने कहा कि आगामी कुछ वर्षों तक हमें वृक्षारोपण पर अधिक ध्यान देना होगा। जीवन में ऑक्सीजन की महत्ता के विषय में चर्चा करते हुये कहा कि गोरखपुर अस्पताल में किन्ही कारणों से कुछ समय के लिये ऑक्सीजन की अनुपलब्धता के कारण अनेक मासुम बच्चों की जान चली गयी। यह विचारणीय है, आज वातावरण में बढ़ते प्रदूषण और दूसरी ओर कटते वृक्षों के कारण वायु में प्रदूषकों की मात्रा बढ़ रही है जिससे श्वास, अस्थमा एवं फेफड़ों की बीमारियों का प्रतिशत बढ़ता जा रहा है। पृथ्वी पर प्रदूषित होता जल, एवं वायु साथ ही पर्यावरण में घुलता प्रदूषण एक बड़ी चुनौती है। उन्होने कहा कि पृथ्वी से कम होता नीर और ऑक्सीजन वर्तमान और भविष्य दोनों पीढि़यों के लिये भयावह है। अगर पर्यावरण सुरक्षित है तभी तक मानव का जीवन सम्भव है अतः पर्यावरण की रक्षा के लिये वनों का, पहाड़ों का प्रदूषण रहित होना नितांत अवश्यक है।

स्वामी जी ने बताया की जीवा, गंगा एक्शन परिवार एवं अन्य संस्थायें मिलकर दो लाख पौधों का रोपण करने जा रही है। उन्होने कहा कि जीव एवं गंगा एक्शन परिवार वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिये सरकार के साथ है इस ओर मिलकर कार्य करे तो और भी बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।

स्वामी जी ने कहा कि वृक्ष की शीतल छाया माँ के आंचल के समान है। पेड़ों को सुरक्षित कर हम मानव सभ्यता को सुरक्षित कर सकते हैं। वर्तमान ओर भावी पीढ़ी को सुरक्षित एवं स्वस्थ्य रखने के लिये प्रत्येक मनुष्य को वृक्षारोपण की संस्कृति को जीवन में धारण करना ही पडे़गा क्योंकि कुछ क्षण के लिये कम होती ऑक्सीजन इतने भयावह परिणाम ला सकती है तो सम्पूर्ण वातावरण में उपस्थित ऑक्सीजन अगर इसी वेग से प्रदूषित होती रही तो इसके विकराल परिणाम सामने आ सकते है। इस  ओर समाज, सरकार, संत एवं संस्थायें मिलकर कार्य करे तो विलक्षण परिणाम प्राप्त होगे।

स्वामी जी ने केन्द्रीय मंत्री श्री हर्षवर्धन जी को दशहरे के पावन अवसर पर शिवत्व का प्रतिक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया।