हनुमान जन्मोत्सव पर सन्तश्री सुधांशु जी महाराज ने कहा, “देश के युवा रिज़र्व की अपेक्षा डिज़र्व पर दें ध्यान”

पूर्वी दिल्ली। भारतीय संस्कृति आदर्शों की संस्कृति है। वह हमें स्वावलंबी बनना सिखाती है। आत्मनिर्भरता चाहे आर्थिक क्षेत्र की हो चाहे स्वास्थ्य की, सभी कुछ देती है चिर-प्राचीन हमारी यह देव संस्कृति। हम शरीर, मन और आत्मा सभी से स्वस्थ रहें, हमारी निर्भरता दवाइयों और चिकित्सकों पर कम से कम रहे, इस पर आज हमें ध्यान देने की महती आवश्यकता है।

यह उद्गार आज यहाँ प्रीत विहार क्षेत्र में स्थित बाल मन्दिर सीनियर सेकेण्डरी स्कूल में ध्यान-योग के सत्र में सन्तश्री सुधांशु जी महाराज ने व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के परम भक्त पवनसुत हनुमान के जन्मोत्सव पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने-आपको इस योग्य बनावें कि हम अपनी इच्छित अभिलाषा की प्राप्ति के लिए ख़ुद को ‘डिज़रव’ बनाएँगे। डिज़रव की योग्यता नहीं होने पर रिज़र्व अर्थात् रिज़र्वेशन की अपेक्षा एवं याचना करनी पड़ती है। उन्होंने अपने-आपको सुयोग्यता बढ़ाने पर सर्वाधिक ध्यान देने का आहवान सभी से किया।

श्री सुधांशु जी महाराज ने सत्संग सभा स्थल पर प्रेरणाएँ ग्रहण करने पहुँचे लगभग एक हज़ार छात्र-छात्राओं से कहा कि वे आलस्य से बचें, समय की क़ीमत समझें, फ़िज़िकल एक्सरसाइज़ अवश्य करें, मस्तिष्क को तरोताज़ा रखें, चिन्तन को सकारात्मक रखें, असम्भव शब्द अपनी डिक्शनरी से हटा दें, याददाश्त को धारदार बनाएँ, आज्ञापालन को बड़ी ताक़त समझें, किशोरावस्था के काल को जीवन का सबसे क़ीमती समय मानें।उन्होंने कहा कि बीमार के लिए इस धरती पर कोई सुख नहीं।

 

विश्व जागृति मिशन पूर्वी दिल्ली के महामन्त्री श्री मनमोहन शर्मा ने बताया कि श्रद्धेय महाराजश्री के निर्देशन में चलाए जा रहे युगऋषि आयुर्वेद विस्तार अभियान के तहत लोगों को बीमारियों से बचाने का अभियान छेड़ा गया है।लगभग पौने दो सौ आयुर्वेद व जड़ी-बूटी आधारित उत्पादों का लाभ लेकर घरों में रोगों के प्रवेश पर विराम लगाना इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है।

स्टॉल प्रभारी श्री प्रयाग शास्त्री ने बताया कि विदेशी उत्पादों के ज़रिए भारत का पैसा विदेशों को जाने के प्रवाह को रोकने के लिए स्वास्थ्यवर्धक, शक्तिवर्धक, आरोग्यवर्धक, प्राणवर्धक अमृत केसरी एवं नवरस संजीवनी जैसे पेय देशवासियों में खासे लोकप्रिय हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इससे प्राप्त धन देवदूत (अनाथ) बच्चों की शिक्षा पर ख़र्च किया जाता है।

आज सत्संग समारोह के दौरान ‘पूर्णिमा’ का मासिक पर्व भी मनाया गया।पूर्वी दिल्ली मण्डल के प्रमुख प्रतिनिधियों ने गुरु पूजा का विशेष कार्यक्रम उपस्थित जनसमुदाय की ओर से सम्पन्न किया। हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन न्यायमूर्ति एस. एन. अग्रवाल भी सत्संग स्थल पहुँचे और श्री सुधांशु जी महाराज का अभिन्दन किया।