हरि मिलन के लिए करों निस्वार्थ भाव से आराधना- पंडित घनश्याम वशिष्ठ

गुरुग्राम। छट पूजा ग्राउंड सेक्टर 45 कन्हई गांव में चल रही श्रीमद भागवत कथा का सप्तम दिवस विश्राम सुदामा चरित्र व परीक्षित मोक्ष की कथा श्रवण कराते हुए।

सप्तम दिवस की कथा में विश्व शांति के लिए प्रार्थना कर
व्यास पीठ से भगवद भक्तो को भगवान श्री कृष्ण के 16108 विवाहों का वर्णन किया। ठाकुर जी की पत्नियां हमारे वेदों व कर्मकांड के मंत्र ही बनकर आये। जनकल्याणार्थ के लिए भगवान ने सभी को अपनी पत्नी स्वीकार किया।
कथा के मध्यम में कान्हा भैया जी ने बेटी का महत्व बतलाते हुए। कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों का समाज से वहिष्कार होना चाहिए। बेटा होना अगर भाग्य की बात है तो बेटी सौभाग्यशाली व्यक्तियों को प्राप्त होती है। बेटा-बेटी में कभी अंतर नही करना चाहिए। बेटा तो फिर भी एक घर को चलाता है लेकिन बेटी दो परिवारों को चलाती है एक पिता के तो दूसरा पति के। बेटी के जन्म पर शोक नही खुशी मनानी चाहिए। बेटी है तो कल है

भागवत हरि मिलन कराती है जन्म मरण के बंधन से मुक्त कराती है। भगवान के परम मित्र सुदामा जी से हमे शिक्षा मिलती है कभी भी मित्रता मतलब से नही करनी चाहिए। कृष्ण-सुदामा की मित्रता समाज के लोगो को संदेश देती है दोस्ती उससे करो जिसमे कोई दोष न हो। जो तुम्हे गन्दी आदत सिखाये वो कभी तुम्हारा सच्चा मित्र नही हो सकता। सच्ची मित्रता वही जो सुख-दुःख में साथ खड़े हो।
लेकिन आजकल कुछ लोगो ने सुदामा जैसे परम भक्त का मजाक बना दिया है। भजन संध्या व जागरणों में झांकी वाले सुदामा जी के चरित्र को ऐसे भद्दे तरीके से दिखाते है मात्र चन्द पैसो के लिए। संतोषी,परोपकारी ब्राह्मण को दरिद्र व नोटंकी वाले के जैसे दिखा कर सनातन धर्म व सुदामा जी का अपमान करते हैं। हम सभी लोगो को मिलकर इस अपराध को रोकना होगा। नही तो लोग हमारे धर्म व धर्म से जुडे हर पात्र का मजाक बनाते रहेंगे।

सुदामा चरित्र के बाद राजा नृग की कथा,दत्तात्रेय जी के 24 गुरुओं का प्रसंग, और कलियुग का व्रतांत व श्री शुकदेव विदाई के साथ परीक्षित मोक्ष की कथा श्रवण कराते हुए भागवत जी की विदाई समस्त नवांशहर के भक्तो ने की।
भागवत विदाई के उपरांत कान्हा भैया जी ने नवरात्रों की शुभकामनाएं देते हुए सुंदर सुंदर होली के भजन सुनाये।

आज ब्रज में होरी रे रसिया, मेरो खो गयो बाजूबंद रसिया होरी का आनंद सभी गुरुग्राम के भक्त प्रेमियों ने लिया।
आयोजक समिति:- श्री सुरेश फौजी,रमन कुमार जी,राकेस यादव जी,विजय राव जी,ओमी यादव जी व समस्त कन्हई गांव व सेक्टर 45 वासियो ने तन,मन,धन से समर्पित होकर धर्म के कार्य को आगे बढ़ाया।