गुरमीत राम रहीम केस में ‘गुमनाम चिट्ठी’ से लेकर अब तक की पूरी दास्तां

नई दिल्ली/ विकास सिंह बघेल। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को रेप के मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आज कोर्ट ने सजा की ऐलान की। राम रहीम को रोहतक जेल में रखा गया और सजा सुनाने वाली कोर्ट भी इसी जेल में बिठाई गई। दोषी करार दिए जाने के बाद डेरा समर्थकों द्वारा की गई हिंसा के बाद यह फैसला लिया गया कि साल 2002 में डेरा कैंपस में ही रहने वाली एक साध्वी ने चिट्ठी लिखकर डेरा प्रमुख पर आरोप लगाया था। इसके बाद अनुयायियों द्वारा की गई हिंसा के चलते 38 लोगों की मौत हो चुकी है।

क्या थी साल 2002 से लेकर अब तक की पूरी दास्तां

  1. मई 2002 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर यौन शोषण के आरोप लगाते हुए डेरे की एक साध्वी ने गुमनाम पत्र लिखा जिसे उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री को भेजा था।
  2. जुलाई 2002 में डेरे की प्रबंधन समिति के सदस्य रहे कुरुक्षेत्र के रणजीत सिंह की हत्या हो गई।
  3. सितंबर 2002 में हाई कोर्ट ने साध्वी रेप मामले में गुमनाम पत्र पर संज्ञान लिया और डेरा सच्चा सौदा की CBI जांच के आदेश दिए।
  4. अक्टूबर 2002 में सिरसा से निकलने वाले अखबार ‘पूरा सच’ के संपादक रामचन्द्र छत्रपति की हत्या कर दी गई।
  5. जनवरी 2003: रणजीत सिंह के पिता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर CBI जांच की मांग की और वहीं पत्रकार छत्रपति के बेटे ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर CBI जांच करवाने की मांग की।
  6. नवंबर-दिसंबर 2003 में CBI को जांच के आदेश जारी हुए और जांच भी शुरू कर दी गई। डेरा के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर जांच पर रोक लगाने की मांग की जिसे मान लिया गया।
  7. नवंबर, 2004 में  सुप्रीम कोर्ट ने डेरा की जांच रोकने की याचिका खारिज कर दी। सीबीआई ने डेरा प्रमुख सहित कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया।
  8. जुलाई, 2007 में CBI ने हत्या के मामलों समेत साध्वी रेप मामले में जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दिया।
  9. सितंबर, 2008 में स्पेशल CBI कोर्ट ने राम रहीम पर सुनवाई शुरू कर दी।
  10. अगस्त, 2017 को CBI कोर्ट में केस पर बहस पूरी जिस पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा और कोर्ट ने रेप केस में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी ठहराया।