पीएम मोदी ने दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में दुनिया की सबसे बड़ी गीता का अनावरण किया

नई दिल्ली/ सुषमा जोशी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में आज एक विशाल भगवद्गीता का विमोचन किया। दुनिया के सबसे बड़े इस भगवद्गीता में 670 पृष्ठ हैं और उसका वजन 800 किलोग्राम है। इस्कॉन के अनुसार इसे ‘एस्टाउंडिंग भगवद् गीता’ कहा जा रहा है।

इसका आकार 2.8 मीटर गुणा 2 मीटर है। इसे दुनिया की सबसे बड़ी पवित्र पुस्तक के रूप में पेश किया गया है। इंटरनैशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) 400 से अधिक मंदिरों का एक विश्वव्यापी परिसंघ है जो 100 शाकाहारी रेस्त्रां और कई प्रकार की सामुदायिक सेवा परियोजनाएं चलाता है। 

नई दिल्ली में ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर एवं सांस्कृतिक केंद्र में ‘एस्टाउंडिंग भगवद्गीता’ का विमोचन करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन काफी अहम है। पीएम मोदी ने कहा कि गीता धर्मग्रंथ तो है पर यह जीवन ग्रंथ भी है। उन्होंने कहा- “आज मुझे दिव्यतम ग्रंथ गीता के भव्यतम रूप को राष्ट्र को समर्पित करने का मौका मिला है। ये अवसर मेरे लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि दो दशक पहले अटल जी ने इस मंदिर परिसर का शिलान्यास किया था।” उन्होंने बताया कि गीता सबसे पड़ा प्रेरक उपहार है। भारत के करीब-करीब हर घर में भगवत गीता विराजमान है। पीएम मोदी ने जैसे ही हॉल के अंदर बोलना शुरू किया कि मोदी-मोदी के नारे लगने शुरू हुए।

आपको बता दें कि दुनिया की सबसे बड़ी गीता इटली के मिलान शहर में तैयार की गई। यहां से इसे समुद्र मार्ग से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट लाया गया। इसे भारत लाने में एक महीने का समय लगा। 20 जनवरी को इसे दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में लाया गया।
इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रीमद् एसी भक्ति वेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद ने गीता प्रचार के 50 साल पूरा करने के उपलक्ष्य में इसे तैयार किया गया है। इसे छापने के लिए इस्कॉन के सभी केंद्रों से धनराशि जुटाई गई। 11 नवंबर को इसे इटली के मिलान शहर में प्रदर्शित किया गया था।
इस गीता में कुल 670 पेज हैं। इसे सिंथेटिक के मजबूत कागज पर तैयार किया गया है। इसमें सोना, चांदी और प्लेटिनम का भी इस्तेमाल हुआ है। इसके पन्ने को पलटने के लिए चार व्यक्तियों की जरूरत होती है।