17 नवम्बर से 03 दिसम्बर 2017 तक होगा अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2017 का आयोजन

लखनउ/ बुशरा असलम। ‘‘अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2017’’ का आयोजन हरियाणा राज्य सरकार द्वारा 17 नवम्बर से 03 दिसम्बर 2017 तक कुरुक्षेत्र में किया जा रहा है। ‘‘अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2017’’ के प्रचार-प्रसार के लिए हरियाणा सरकार द्वारा नामित श्री रमेश कुमार, संस्कृति विभाग एवं श्री गुरुमीत सचदेव, उपाध्यक्ष, नीफा के निर्देशन में गीता-कृष्ण-महाभारत के संदेश को लेकर भारत यात्रा पर निकला सांस्कृतिक दल आज 12 नवम्बर, 2017 को लखनऊ पहुँचा। वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान स्थित राज्य संग्रहालय के सभागार में नीफा के दल द्वारा कुरूक्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली महाभारत की घटना एवं गीता के संदेश का नाट्य रुप में रोचक ढंग से प्रस्तुतिकरण किया गया।
यह बाते संस्कृति विभाग के विशेष सचिव श्री हीरा लाल ने आज यहाॅं राज्य संग्रहालय में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं गीता सन्देश से सम्बधित संवाद में कहीं। इस दौरान उन्होंने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2017 को अन्तर्राष्ट्रीय स्वरुप देने एवं विभिन्न संस्कृतियों के पारस्परिक आदान-प्रदान को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मारीशस को सहयोगी राष्ट्र तथा उत्तर प्रदेश को सहभागी राज्य बनाया गया है।
विशेष सचिव श्री हीरा लाल ने सांस्कृतिक दल सहित समस्त आगंतुकों का स्वागत किया और कहा कि कर्म का संदेश गीता का मूल मंत्र है और सभी व्यक्तियों को सांसारिक मोह माया का परित्याग करते हुए निष्पक्ष भाव से अपने कार्य को करना चाहिए, क्योंकि कर्म ही पूजा है और अच्छे कार्य से अच्छे लक्ष्य की प्राप्ति हो सकती है।
उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में उ0प्र0 सरकार की ओर से संस्कृति, पर्यटन एवं सूचना विभाग द्वारा भी अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे तथा इस महोत्सव में उ0प्र0 को विशेष महत्ता देने के लिए 27 नवम्बर, 2017 को यू0पी0 नाईट का भव्य आयोजन भी इसके अन्तर्गत किया जाएगा।
उन्होने कहा कि हरियाणा राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे इस तरह के आयोजन से सभी राज्यों में सामाजिक सांस्कृतिक सम्बन्ध और प्रगाढ़ होंगे और हम सभी एक दूसरे के नजदीक आ सकेगें। इस अवसर पर दल द्वारा उ0प्र0 सरकार को औपचारिक निमन्त्रण देने के साथ ही विशेष सचिव, संस्कृति विभाग, उ0प्र0 को गीता की एक प्रति भेंट की गयी।
इस अवसर पर निदेशक राज्य संग्रहालय लखनऊ डा. आनन्द कुमार सिंह, रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, संस्कृति निदेशालय डा. लवकुश द्विवेदी एवं संस्कृति विभाग के समस्त अधिकारी/ कर्मचारीगण उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती अलशाज फातमी, सहायक निदेशक (प्राणिशास्त्र) ने एवं कार्यक्रम में आये हुए समस्त गणमान्य जन एवं हरियाणा से आये इस दल का श्रीमती रेनू द्विवेदी, सहायक निदेशक (पुरातत्व), राज्य संग्रहालय, ने धन्यवाद ज्ञापित किया।