गाय, गौरी और गंगा को संरक्षित करना नितांत आवश्यक-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश। श्री जी गौसदन द्वारा आयोजित गोपाष्टमी सप्ताह उत्सव में परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने प्रमुख अतिथि के रूप में शिरकत की। इस कार्यक्रम के आयोजक एवं कार्यकारिणी सदस्य पूज्य स्वामी जी का पावन सानिध्य पाकर अत्यधिक उत्सुक हुये।

गोपाष्टमी उत्सव में आज प्रातःकाल से ही गौ संरक्षण एवं गौ पूजन के माध्यम से कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ। इस पावन अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, राज्य मंत्री भारत सरकार डॉ महेश शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिजन सेवा संघ श्री शंकर कुमार सान्याल जी, कार्यक्रम अध्यक्ष एवं चेयरमैन, नारायण ग्रुप ऑफ इंटस्ट्रीज श्री ओंकारनाथ अग्रवाल, विधायक नोयडा श्री पंकज सिंह, अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोयडा श्री आलोक टंडन एवं अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।

20 से 28 अक्टूबर तक चलने वाले इस उत्सव में विविध आयामों के द्वारा गौ-संरक्षण का संदेश प्रसारित किया गया। आज गौ पूजन के साथ विशेष हवन एवं विशाल भण्डारे का आयोजन भी किया गया।

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने गोपा अष्टमी के अवसर पर कहा कि ’गाय से प्यार करे, गाय का व्यापार नहीं बल्कि गाय से व्यापार करें। गाय के विज्ञान को समझे और गाय का विज्ञापन करें उन्होने कहा कि विज्ञापन कहीं और नहीं हर परिवार, गाय का विज्ञापन बने; हर परिवार बने पी आर गौ का। गौ एक ऐसा प्राणी है जो ऑक्सीजन ग्रहण करती है और 22 घण्टे ऑक्सीजन ही छोड़ती है परन्तु अन्य सभी प्राणी ऑक्सीजन लेते है और कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ते है। पूज्य स्वामी जी ने कहा कि जिस प्रकार मोदी मैजिक पूरे विश्व में है उसी प्रकार मिल्क मैजिक भी पूरे विश्व में हो सकता है और इण्डिया मिल्क की वर्ल्ड कैपिटल बन सकती है अगर हम गौ को संरक्षण दें। हम कई बार चमड़ी से तो घ्रणा करते है परन्तु चमडे़ से बनी वस्तुयें जैसे बेेल्ट, कार की सीट, जुते-चप्पलों एवं पर्स का उपयोग करते है परन्तु अब इसका बहिष्कार करे क्योंकि ये सारी चीजे उपभोक्ता के उपयोग पर ही बनती है अतः चमड़े की वस्तुओं का बहिष्कार करे एवं गौ के दूध से बने उत्पादों का प्रयोग करें यथा छाछ, मिल्क, दही का उपयोग करे।

स्वामी जी ने कहा कि अब तो एक और निर्णय लेना चाहिये कि पर्यावरण की दृष्टि से लकडि़यां मिलती नहीं, कदम छटते जा रहे है तमाल कटते जा रहे है और चारों ओर पेड़ों का; जंगलों का सफाया हो रहा है इसलिये आईये करे संकल्प मेरा अन्तिम संस्कार गोबर के उपलों से ही होगा उन्होेने कहा कि ऐसा दृढ़ता से लिखकर दे दे अपने परिवार वालों को। एक शवदाह संस्कार में 300 किलो ग्राम उपले चाहिये, इससे गाय भी बचेगी, वन भी बचेंगे, पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा और परम्परायें भी बचेंगी इन छोटे-छोटे उपायों को अपनाकर सफलता की ऊचाईयांे को प्राप्त किया जा सकता है। गाय को हम अर्थ से जोड़े इससे दो फायदे होेेंगे अर्थ भी प्राप्त होगा और परमार्थ भी होंगा। गोपा अष्टमी अर्थ से परमार्थ की यात्रा होगी इसके लिये हम सबको गोप बनना होगा, आईये गोप बने।

श्री जी गौशाला में संकल्प कराया की जितनी सदस्य उतने पेड़ इससे पर्यावरण भी शुद्ध होगा इस 27 एकड़ में फैली हुयी गौशाला के चारों ओर पौधा रोपण करे यह एक प्रेरणाप्रद कार्य होगा।

स्वामी जी ने कहा कि वर्तमान समय में गाय, गौरी, गंगा को संरक्षित करना नितांत आवश्यक है क्योंकि आज इनका अस्तित्व पूर्ण सुरक्षित दिखायी नहीं देता। कभी गाय, कामधेनु थी और आज सड़कों पर निराश्रित घूम रही है; बेटियांे को कभी देवियों का रूप माना जाता था और आज उन्हे बचाने के लिये अभियान चलाना पड़ रहा है; पुण्यदायिनी माँ गंगा आज प्रदूषित होती नदियों की श्रेणी में है। मुझे लगता है अब विचारों पर; सोच पर ध्यान देने की जरूरत है और भारतीयों को वापस इस दुनिया के साथ सकारात्मकता से जुड़ना होगा ताकि इन्हे अपने पूर्ण अस्तित्व के साथ स्वछन्द होकर जीवन जीने के लिये वातावरण मिल सके।

स्वामी जी ने उपस्थित सभी जनसमुदाय का ध्यान प्रदूषित होते पर्यावरण एवं प्रकृति की ओर आकर्षित करते हुये कहा कि अपने खुशियों के; आनन्द के पलों को वृक्षारोपण एवं वातावरण की स्वच्छता के साथ जोडे़।

श्री जी गौशाला के अध्यक्ष श्री अनील गोस्वामी जी ने कहा कि  स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के पावन चरण पड़े हमारे गौशाला में  तो वह नित-नूतन हो गयी है। उन्होने कहा कि आपके शुभ चरण एवं आशीर्वाद बार-बार मिलता रहें। उन्होने कहा कि पूज्य महाराज जी की प्रेरणा से हमने चारों ओर पेड़ लगा दिये है और अब पूरा क्षेत्र हर-भरा हो गया है।’

राज्य मंत्री भारत सरकार डॉ महेश शर्मा जी ने कहा कि ’गौ नस्ल को सुधारने के लिये हम कार्य कर रहे है लेकिन मानव नस्ल को सुधारने के लिये जो कार्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी कर रहे है वह अनुपम है।’ गौ पूजन के पश्चात पूज्य स्वामी जी ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को गौ एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प कराया सभी ने हाथ उठाकर संकल्प किया। स्वामी जी ने इस भव्य आयोजन की सफलता के लिये आयोजकों को धन्यवाद देते हुये शिवत्व का पौधा एवं गौ स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होने कहा कि इस तरह के समारोह का आयोजन समाज को एक सकारात्मक दिशा देने के लिये आवश्यक है।

कार्यक्रम अध्यक्ष श्री ओंकारनाथ अग्रवाल जी ने सभी के प्रति अभार व्यक्त किया इस अवसर पर गंगा एक्शन परिवार परमार्थ निकेतन की सुश्री नन्दिनी त्रिपाठी, परमार्थ निकेतन से आचार्य दीपक शर्मा, डॉ ए के अग्रवाल, श्री बंजरंग लाल गुुप्ता,  श्री बीपी अग्रवाल, श्री पी के अग्रवाल, श्रीमती विमला बाथम, श्री नवाब सिंह नायर, श्री पी के अग्रवाल, श्री होम सिंह यादव उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम को श्री कुलदीप गुप्ता, श्री आर ए गोयल, श्री सुनील वर्मा, श्री बालमुकुंद बंसल, श्री प्रवीण बंसल, श्री डी के मित्तल, श्री कमल सिंह एवं श्री एन आर गुप्ता का विशिष्ट सहयोग रहा।