अब इलाहाबाद का नाम होगा प्रयागराज, बस औपचारिक ऐलान बाकी

लखनऊ/ बुशरा असलम। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने की मांग की है। अखाड़ा परिषद के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इलाहाबाद का नाम बदलने के साथ ही अर्ध कुंभ में बेहतर सुविधा का प्रस्ताव भी रखा। बैठक करीब एक घंटा तक चली।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि और 12 अन्य सदस्यों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बैठक की। इस बैठक में प्रदेश सरकार के आधा दर्जन मंत्री और इलाहाबाद के जिलाधिकारी समेत आला-अफसर भी मौजूद थे। महंत नरेंद्र गिरि समेत 29 संतों ने सीएम के साथ एनेक्सी में अर्धकुंभ 2019 की तैयारियों को लेकर बैठक की। इसके साथ ही अखाड़ा परिषद ने मुख्यमंत्री को 14 फर्जी बाबाओं की सूची भी सौंपी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना भी थे। अखाड़ा परिषद ने अपनी बैठक में पास 17 प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री को सौंपे।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि इलाहाबाद का नाम प्रयागराज रखने का औपचारिक ऐलान जल्द ही हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से इस पर बात चर्चा हुई और उन्होंने भी सहमति दी है। महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि हमको भरोसा है कि इलाहाबाद का नाम प्रयागराज होगा। इस मामले में सीएम योगी ने अखाड़ा परिषद के संतों को अश्वासन दिया कि इलाहाबाद का नाम बदलने पर विचार किया जाएगा।

बैठक के बाद महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि हमको मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्वासन दिया है कि इस बार अर्ध कुंभ ऐतिहासिक होगा। अर्ध कुंभ में पिछली बार पार्किंग को लेकर कुछ समस्या आयी थी।  हिंदू धर्म में साधुओं और संतों के सबसे बड़े संगठन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर 14 फर्जी बाबाओं की लिस्ट सौंपी और उनके अर्धकुम्भ में शामिल होने पर रोक लगाने की मांग की।

सीएम को सौंपी फर्जी बाबाओं की लिस्ट

महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि कहा कि हमने जिन 14 फर्जी बाबाओं की सूची को जारी किया था, आज उसको सीएम आदित्यनाथ योगी को सौंपा है। हमको आश्वासन मिला है कि धर्म के नाम पर भावनाओं से खेलने नही दिया जाएगा। जिन लोगो का नाम फर्जी बाबाओं की सूची में है वो लोग बौखलाए है।

मैं और अखाड़ा परिषद के सभी महंत किसी भी जांच के लिए तैयार। महंतों ने कहा कि भारत के कोने-कोने में बैठे स्वयंभू बाबाओं को अखाड़ा परिषद चिन्हित करेगा। जल्द ही फर्जी बाबाओं के अन्य नामों की भी अखाड़ा परिषद घोषणा करेगा। अखाड़ा परिषद ने स्वंयभू बाबाओं और खुद को भगवान बताने वालों को के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

इनका कहना है कि गृहस्थ और बाबा दोनों जीवन एक साथ जीने वाले संत नहीं हो सकते हैं। इस प्रकार के फर्जी बाबा हर जगह पर हैं। उनकी पहचान करने और उनके फर्जीवाड़े को सामने लाने का काम अखाड़ा परिषद करता रहेगा। एक बाबा के अखाड़ा परिषद के महंतों की जांच के सवाल पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि हम सभी तैयार हैं। अखाड़ा परिषद ने कहा कि सीएम योगी ने फर्जी बाबाओं के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

फर्जी बाबाओं की लिस्ट पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का कहना था कि ऐसे बाबा अर्धकुम्भ में न जाएं। अगर जाना भी है तो वे गृहस्थ के रूप में जाएं। वहीं सीएम योगी ने संतों को भरोसा दिया कि 2019 में लगने वाले अर्धकुंभ मेले से पहले संतों के नाम को कलंकित करने वाले इन फर्जी बाबाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अखाड़ा परिषद ने एक बैठक में जारी की थी फर्जी बाबाओं की लिस्ट

बैठक में अखाड़ा परिषद ने 14 फर्जी बाबाओं के नाम की लिस्ट जारी की। अखाड़ा परिषद ने आसाराम, राधे मां, सच्चिदानंद गिरी, गुरमीत राम रहीम, निर्मल बाबा, इच्छाधारी भीमानंद, असीमानंद और नारायण साईं, रामपाल, आचार्य कुशमुनि, वृहस्पति गिरी, मलखान सिंह के नामों को फर्जी बाबाओं की लिस्ट में शामिल किया था। इस बैठक में शामिल होने के लिए सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया था। बैठक के बाद सर्व सम्मति से अखाड़ा परिषद ने 14 फर्जी बाबाओं की लिस्ट जारी की गई थी।