गौरक्षा के नाम पर भय का माहौल आखिर क्यों?

नई दिल्ली। आज देश मे किसान परेशान है।क्योंकि किसान की फ़सल को गौवंश खा रहा है। किसानों के जहरीले अनाज को खाकर इंसान परेशान है। किसान को बिषमुक्त खाद और कीटनाशक चाहिए जो गौवंश के पास है। गौवंश को फसल अवशेष चाहिये जो किसान के पास है। बैंको के मायाजाल में फंसकर दोनों भूखे मर रहे हैं। जहरीले खाद, बीज, कीटनाशक और ट्रैक्टर के लिये किसान कर्ज ले रहा है जिसपर बैंक को ब्याज़ दे रहा है। ब्याज न चुकाने पर बैंक परेशान करता है जिसकी वजह से वो आत्महत्या भी कर रहे हैं और अपनी ज़मीन नीलाम करवा रहे हैं कर्जमाफी के लिए सरकार के खिलाफ आंदोलन भी कर रहे हैं। गौवंश से अपनी फसलो को बचाने के लिये पहरे भी दे रहे हैं। सरकार के खिलाफ आंदोलन भी कर रहे है।

आपको बता दें कि यही गौवंश सिर्फ फसल के अवशेष को खाकर दूध भी देता है और खेत मे जुताई भी करता है और खाद भी देता है। जिस अन्न को खाकर और दूध को पीकर लोग निरोगी बनते है। दूसरी तरफ इन्ही इंसानो ने चारागाह की ज़मीन कब्जा कर रखी है जितने भी पालतू जीव हैं सबका भरण पोषण इन्ही चारागाहों में सदियों से होता आ रहा है हरियाणा के संत गोपाल दास मुनि जी भी लगातार इसी मुद्दे पर समाज और सरकार दोनों से लड़ रहे है। उनका साथ न सरकार दे रही है और न ही समाज। सरकार ने अस्पताल से गायब कर दिया। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जिंदा गौवंश को गड्ढे में दबा रही है। कुछ लोग गौरक्षा के नाम पर तस्करों को मार रहे हैं। कुछ लोग पुलिस की भी हत्या कर दे रहे है पूरे देश के अंदर गौरक्षा के नाम पर भय का माहौल बना है। देश के प्रधानमंत्री कहते हैं गौरक्षक गुंडे है। गौशालाओं के अंदर भी गौवंश मर तड़प तड़प कर मर रहे है। कहीं धन के अभाव में तो कही अच्छे मैनेजमेंट के अभाव में। कहीं सड़को पर एक्सीडेंट से इंसान और गौवंश दोनो मर रहे हैं। आज माहौल ऐसा बनाया जा रहा है जैसे ये गौवंश किसानों और मुसलमानों के दुश्मन हैं। अगर कोई मुसलमान गौपालन के लिये गाय ले रहा है तो उसको भी तस्कर बता कर मार दिया जायेगा। जबकि यहाँ तमाम लोग भेड़, बकरी, गाय,भैंस,घोड़ा, खच्चर, ऊँट चराकर जीवन यापन करते आ रहे हैं। ऐसे परिवारों का क्या हाल होगा चारागाह के अभाव इसकी चिंता करना किसकी जिम्मेदारी है, जबकि ये सभी पालतू जीव हैं मानव के परम सहयोगी हैं।

लेखक धनंजय सिंह सामाजिक चिंतक एवम विचारक, गौ सेवक और भारत महापरिवार पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। (9793282313, 9811361500)