राज्यसभा सांसद सुभाष चन्द्रा और जैनाचार्य लोकेश मुनि के बीच पर्यावरण संरक्षण पर हुई चर्चा


पर्यावरण प्रदूषण जैसी समस्या के समाधान हेतु धर्मगुरु आगे आए – सुभाष चन्द्रा

स्वस्थ एवं संतुलित समाज की संरचना के लिए पर्यावरण संरक्षण जरूरी  – आचार्य लोकेश

नई दिल्ली। अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश ने राज्यसभा सांसद और ज़ी समूह के मालिक सुभाष चन्द्रा से भेंट कर राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न विषयों पर चर्चा की। श्री सुभाष चन्द्र ने कहा कि जलवायु परिवर्तन जैसी वर्तमान की ज्वलंत समस्याओं के समाधान हेतु धर्मगुरु और सामाजिक संगठन आगे आए।

शांतिदूत आचार्य लोकेश ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अहिंसा विश्व भारती द्वारा मुंम्बई में होने वाले विराट कार्यक्रम ‘विश्व शांति के लिए पर्यावरण संरक्षण’ के बारे मे जानकारी देते हुये बताया कि इसमे विश्व विख्यात आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वसुदेव, योगऋषि बाबा रामदेव, जैन आचार्य लोकेश एवं डा. बी.के. शिवानी देश विदेश से पधारे पर्यावरणविद, समाजसेवी, उद्योगपतियों,राजनेता, चिंतकों का इस विषय पर मार्गदर्शन करेंगे। उन्होने कहा कि जलवायु परिवर्तन की समस्या से विश्व जूझ रहा है। यह वर्तमान की सबसे जटिल समस्या है , प्राकृतिक असंतुलन के कारण मानव जाति की आने वाली पीढ़ियां खतरे में है। जैन दर्शन कहता है कि केवल मनुष्य और पशु ही नहीं, बल्कि पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और वनस्पति भी जीवित प्राणी हैं।भगवान महावीर का ‘षटजीवनिकाय’ सिद्धांत कहता है कि प्रकृति के साथ अनावश्यक रूप से उपभोग और छेड़ छाड़ नहीं करनी चाहिए, जिससे पारिस्थितिक तंत्र की सुरक्षा होती है। आचार्य लोकेश ने श्री सुभाष चन्द्रा द्वारा युवाओं के लिए आयोजित टीवी शो के लिए बधाई देते हुये कहा कि सुभाष चन्द्रा जी के मार्गदर्शन में अनेक समाज हित के काम हो रहे है।

श्री सुभाष चन्द्रा ने कहा कि जैन दर्शन एक ऐसी जीवन शैली सिखाता है जिससे संतुलित पर्यावरण,संतुलित समाज और संतुलित व्यक्तित्व कि संरचना संभव है। उन्होने कहा कि आज विश्व आर्थिक,औद्योगिक, वैज्ञानिक एवं भौतिक विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्वार्थ और लोभ के वशीभूत होकर मनुष्य पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, यह बेहद चिंता का विषय है। उन्होने कहा कि यह बेहद खुशी का विषय है कि आचार्य लोकेश के मार्गदर्शन मे अहिंसा विश्व भारती संस्था धर्म को समाज सेवा के जोड़कर समाज के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित संगोष्ठी मे विभिन्न धर्मों के विश्व विख्यात धर्मगुरु एक मंच से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे तो इससे निश्चित रूप से जन जागृति पैदा होगी। जो काम सरकार करोड़ो रूपये खर्च कर नहीं कर सकती वो धर्म गुरु सहजता से कर देते है।