दिव्य कुम्भ में सांस्कृतिक छटा का अद्भुत संगम

प्रयागराज। दिव्य कुंभ-भव्य कुंभ अपनी परवान पर है. लेकिन देश-विदेश से यहाँ आने वाले श्रद्धालु आगंतुकों की कोई कमी नज़र नहीं आ रही है. वास्तव में इस बार का कुम्भ अभूतपूर्व रहा है. न केवल उत्तर प्रदेश सरकार की व्यवस्थायें चाक-चौबन्द रही हैं बल्कि संस्कृति मन्त्रालय द्वारा निर्मित विभिन्न मन्चों पर चल रही सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी कुंभ के मेहमानों के लिये आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं.

सेक्टर ४ के अक्षयवट मंच पर दिल्ली के मल्लिक ब्रदर्स ने ध्रुपद गायन की प्रस्तुति दी. ध्रुपद गायन के बाद मुंबई के विजय पंडित ने सप्तधारा नृत्य प्रस्तुत किया. सप्तधारा नृत्य के बाद असम के उत्पल ज्योति बोरा ने बिहू नृत्य प्रस्तुत किया. बिहू के पश्चात सागर के दीपेश पान्डे ने मन्च पर बधाई नौरता पेश किया. प्रयागराज के मनोज कुमार गुप्ता के भजनों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया.

वहीं सेक्टर 6 के भारद्वाज मंच पर वाराणसी की मंगला विश्वकर्मा ने भोजपुरी लोकगायन पेश किया. इस लोकगायन के बाद लखनऊ के गायक कमलाकांत ने भजन पेश किये. भजनों के बाद लखनऊ के ही हेल्पिंग हार्ट्स फाउन्डेशन ने नृत्य नाटिका पावन धरती – निर्मल गंगा प्रस्तुत की. नृत्य-नाटिका के बाद लखनऊ की ही प्रतिभा मिश्रा ने सुन्दर लोकगायन की प्रस्तुति दे कर दर्शकों की तालियां बटोरी.

साथ ही सेक्टर 17 के यमुना मंच पर गाजीपुर के कलाकार जीवन राम मे धोबिया लोक-नृत्य की प्रस्तुति दी. धोबिया लोक नृत्य के बाद दिल्ली की कलाकार माधवी मुदगल का भरत नाट्यम नृत्य देखा गया. भरत नाट्यम के बाद मुजफ्फर नगर के पंडित रामदेव शर्मा ने श्रोताओं के लिये मीठे भजन प्रस्तुत किये. भजनों के बाद प्रयागराज के विष्णुराजा का भोजपुरी गायन हुआ जिसका दर्शकों ने भरपूर स्वागत किया.

इसके अलावा सेक्टर 13 के सरस्वती मंच पर दिल्ली के नाटककार मुंबई के नाटककार सुशील योगी ने कोमल गांधार नाटक का मंचन किया. इस नाटक के पश्चात उत्तराखंड के नाटककार भूपेश जोशी का नाटक मन्चित हुआ. विशेष अतिथि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी जी ऋषि भारद्वाज मंच पर उपस्थित रहे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया.