विभिन्न धर्मोंगुरु एकजुट होकर विश्व शांति की स्थापना में योगदान दें – आचार्य लोकेश

पुट्टापर्थी/ अर्चना सक्सेना। अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक प्रख्यात जैनाचार्य डा. लोकेश मुनि ने श्री सत्य साईं बाबा की 92वीं जन्म शताब्दी पर पुट्टापर्थी आंध्र प्रदेश में आयोजित ‘इंटरनेशनल कांफ्रेंस एंड मल्टी फैथ सिम्पोजियम फॉर ग्लोबल पीस एंड हारमनी’ को संबोधित करते हुए कहा कि विभिन्न धर्मों के धर्म गुरु एक मंच से मानवता का सन्देश देकर विश्व शांति और सद्भावना की स्थापना में अहम् भूमिका निभा सकते है|

आंध्र प्रदेश के राज्यपाल श्री ई. एस.एल. नरसिंहन कांफ्रेंस में मुख्य अतिथि के रूप में उदघाटन भाषण देते हुए कहा कि हमें सभी धर्मो और पंथों का सम्मान करना चाहिए जिससे एकता का दीप प्रज्वालित रहे| उन्होंने भारत की समृद्ध संस्कृति और धर्म ग्रंथों के ज्ञान को समझकर श्री सत्य साई के बताये सेवा के कार्य में जुटने की अपील की|

आचार्य लोकेश ने कहा कि श्री सत्य साई बाबा की शिक्षाएं धार्मिक एकता के लिए प्रेरणा का स्तोत्र है|  आज जब समस्त मानव जाति युद्ध, आतंक और हिंसा से भयाक्रांत है तो धर्माचार्यो का दायित्व बन जाता है कि मानवता को धर्म के मार्ग पर चलकर भाईचारे के साथ एकजुट होकर रहना सिखाये| उन्होंने कहा कि समाज, राष्ट्र, विश्व के विकास के लिए शांति आवश्यक और सर्वधर्म सद्भाव से ही शांति संभव है| धर्म के मार्ग पर हिंसा, घृणा, नफरत का कोई स्थान नहीं हो सकता| सभी धर्म मानवता का सन्देश देते है, समाज में एकजुट होकर विकास की राह पर चलना सिखाते है|

आचार्य लोकेश सहित दिल्ली के रामकृष्ण आश्रम से स्वामी शंतात्मानंद जी, अमृतसर के स्वर्ण मंदिर से जत्थेदार गुरबचन सिंह जी, धर्मशाला से कर्मा गलेक युथुक, अजमेर दरगाह से हाजी सैयद सलमान चिश्ती, दिल्ली से रबी ईजाइकेल आइसैक मालेकर, अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय से प्रो. नकवी, हिमाचल से 7वें रिन्पोंचे, पश्चिम बंगाल के प्रमुख इमाम मौलाना कासमी, दिल्ली से फादर फेलिक्स, श्री दिनेश राव बहाई, स्वामीनारायण अक्षरधाम से भारत सी मेहता ने विशाल जनसमूह को संबोधित किया|

श्री सत्य साई सेवा ऑरगेनाईजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री निमिश पंडय ने सभी वक्ताओं का स्वागत व सम्मान किया| तीन दिवसीय सम्मेलन में 40 देशों और 20 राज्यों से ज्यादा आये श्रद्धालुओं ने भाग लिया| श्री सत्य साई सेवा ऑरगेनाईजेशन के प्रदेश अध्यक्ष श्री जतिंद्र चीमा  ने अम्मेलन का सञ्चालन किया|