कुम्भ में आयोजित की जा रही सांस्कृतिक गतिविधियां मोह रही हैं सबका मन

प्रयागराज/ मनीष दुबे। कुम्भ परिसर में चल रही सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अक्षयवट मंच पर दिल्ली के कलाकार कुमुद दीवान द्वारा उपशास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया गया। इसी मंच पर दिल्ली के राम भारती कला मंच द्वारा रामलीला का मंचन किया गया। भारी तादाद में मौजूद दर्शकों यहां हो रही सास्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ उठाया।

सेक्टर ६ के ऋषि भारद्वाज मंच पर छत्तीसगढ़ की लोक कलाकार उर्वशी साहू ने राउतनाचा, करमा और सुगा नृत्य पेश किया। जगदलपुर की बस्तर बैंड ने आदिवासी रंग नामक सांगीतिक प्रस्तुति मंचित की। इसके बाद लखनऊ के लोक गायक सुरेश कुशवाहा ने भोजपुरी लोकगीत प्रस्तुत किये। जौनपुर की पारुल नंदा ने प्रदेश के लोकप्रिय लोकगीत की प्रस्तुति दी। इस मंच पर थाईलैंड की रामलीला आकर्षण का केंद्र रही। इसका मंचन थाईलैंड सरकार के संस्कृति विभाग के सौजन्य से हुआ। सेक्टर १७ के यमुना मंच हरियाणा के लोक कलाकार मनोज जाले ने तीन प्रस्तुतियां दी। उन्होंने हरियाणवी लोक नृत्य प्रस्तुत किया। पटना के कलाकार अभय सिन्हा द्वारा बिहार के लोकनृत्य की दो प्रस्तुतियां दी गईं। सूफी गायन आज इस मंच पर विशेष आकर्षण रहा जिसका गायन गुलबादी सिस्टर्स ने किया।

सेक्टर १३ स्थित सरस्वती मंच पर उड़ीसा की कलाकार डॉक्टर स्नेहा समर्थ राय ने गोटिपुआ नृत्य प्रस्तुत किया। उन्नाव के लोक गायक लखन तिवारी के आल्हा गायन ने तो मानो मंच पर अलख जगा दी। सागर से आईं लोकगायिका निशा तिवारी ने नौरता बधाई प्रस्तुत की। प्रयागराज के गायिका आइना बोस के भजनों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा इंडिजिनस नोशन एंड डिस्कवरी ऑफ़ इनहेरिटेड आर्ट जिसे पटना और लखनऊ के कलाकारों द्वारा सम्मिलित रूप से मंचित किया गया। लखनऊ के ही कलाकारों ने धर्मश्री नामक एक नाटक का मंचन भी किया।

शास्त्रीय संगीत की लय-ताल में झूमने को विवश हुए संगीत प्रेमी
सेक्टर 4 के त्रिवेणी मंच पर दर्शकों को मोहन वीणा के माएस्त्रो पद्मभूषण पंडित विश्वमोहन भट्ट की सांगीतिक प्रस्तुति के आनंद का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पंडित भट्ट के बाद पंडित रघुनंदन पनशिकर के शास्त्रीय गायन ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसी मंच पर स्पीक मैके के द्वारा अनहद नाद नामक सांगीतिक प्रस्तुति भी दी गई।

सांस्कृतिक प्रदर्शनी में समुद्र मंथन की चलित यांत्रिक प्रस्तुति
कुम्भ परिसर में उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के सौजन्य से सांस्कृतिक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। कुम्भ परिसर के सेक्टर १९ में यह प्रदर्शनी देश विदेश के दर्शकों के लिए जितनी उत्सुकता का विषय बनी हुई है उतनी ही लोकप्रियता भी इसे प्राप्त हो रही है। इस प्रदर्शनी में उत्तरप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा विशेष प्रयत्नों से अर्जित अभिलेखों को प्रस्तुत किया गया है साथ ही इसमें उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक इतिहास की जीवंत झलक भी प्रस्तुत की गई है। इस प्रदर्शनी में समुद्र मंथन की चलित यांत्रिक प्रस्तुति विशेष रूप से विदेशी अतिथियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।