दिव्य कुम्भ 2019: अलग-अलग मंचों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

प्रयागराज/ मनीष दुबे- मानसी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रकाश में जगमगाता कुम्भ क्षेत्र वास्तव में इस बार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पूरे कुम्भ परिसर में पांच विशाल मंच और पूरे प्रयागराज शहर में बीस मन्च देश और प्रदेश की सांस्कृतिक छटा बिखेर रहे हैं। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग ने न केवल इन मंचों को जीवंत रूप दिया है बल्कि अपनी तमाम सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यक्रमों के ज़रिए योगदान करके इस बार कुम्भ को सांस्कृतिक कुम्भ से सम्मानित किया है।
कुम्भ में सबसे अहम गतिविधि के तौर पर आज उत्तर प्रदेश ललित कला अकादमी, संस्कार भारती और परमार्थ निकेतन के तत्वावधान में चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन हुआ जिसमे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष श्री चिदानंद मुनि जी महाराज, फिल्म निर्माता-निर्देशक सुभाष घई, संस्कार भारती संरक्षक पद्मश्री कला ऋषि बाबा योगेंद्र और उत्तर प्रदेश ललित कला अकादमी अध्यक्ष  डॉक्टर राजेंद्र सिंह पुंढीर की मौजूदगी रही। वहीं राज्य ललित कला अकादमी ने कुम्भ मेला 2019 के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय महिला कला प्रतियोगिता का आयोजन किया है जिसमे महिला सशक्तिकरण पर आधारित चित्र, रेखांकन, ग्राफिक्स और रंगोली की प्रीतयोगिता आयोजित की गई। पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री डॉक्टर नरेंद्र सिंह गौर ने अकादमी की ओर से छात्र छात्राओं को कला सामग्री वितरित किये। 
रोज़ाना की तरह आज भी कुम्भ के सांस्कृतिक मंचों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची रही। सेक्टर ४ के अक्षयवट मंच पर दिल्ली की कलाकार जोड़ी रीतेश और रजनीश मिश्र ने उपशास्त्रीय गायन पेश किया. उपशास्त्रीय गायन के बाद अयोध्या के कलाकार प्रभाकर मौर्या अवधी लोकगीत पेश किये। इस मंच की सबसे ख़ास कार्यक्रम आयोजित हुआ जो था  बांग्लादेश की रामलीला. कुम्भ के विशेष अवसर पर विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र, बांग्लादेश के कलाकारों ने इस मंच पर बांग्लादेश की रामलीला का मंचन किया जिसे दर्शकों का भरपूर स्वागत प्राप्त हुआ.  
सेक्टर 6 के भारद्वाज मंच पर आज आजमगढ़ के गायक गरुड़ मिश्रा का उपशास्त्रीय गायन हुआ. इस उपशास्त्रीय गायन के उपरान्त अयोध्या के लोक-कलाकार  प्रेमचंद तिवारी लोकगीत प्रस्तुत किया. इन लोकगीतों के पश्चात  लखनऊ की नर्तकी दीपशिखा का कत्थक नृत्य देखा गया जिसकी  दर्शकों ने तालियों से सराहना की।
सेक्टर 17 के यमुना मंच पर आज वाराणसी  के कलाकार अजय गुप्ता का शहनाई वादन प्रस्तुत हुआ.  शहनाई वादन के बाद लखनऊ की कलाकार अनीता विश्वकर्मा ने  लोकगीत और लोकनृत्य प्रस्तुत किये जिसके उपरांत रायबरेली के रामप्रकाश यादव का आल्हा गायन ने पांडाल के वातावरण में वीर रस का संचार किया। आल्हा गायन के बाद प्रयागराज के गायक पंकज श्रीवास्तव के सुगम संगीत ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।