200 करोड़ रुपये की लागत से त्रिपुरा सरकार करेगी ‘कल्चरल हब’ की स्थापना

अगरतला/ प्रतिमा चतुर्वेदी। पूर्वोत्तर के राज्यों का सफर करना बेहद सुंदर, रोमांचक और अद्भुत अनुभवों से भरा है। असम, सिक्किम, अरुणाचल, नगालैंड, मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा में घूमना बेहद खास है। भारत के ये पूर्वोत्तर राज्य अपने आप में प्राकृतिक सौन्दर्यता को  समेटे हुए हैं। यहां के ऊंचे-ऊंचे पहाड़ देखने लायक हैं। पहाड़ों की सुंदरता को देखना है तो पूर्वोत्तर राज्यों का दौरा जरूर करना चाहिए।

पूर्वोत्तर राज्यों के बीच सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देने के लिए त्रिपुरा सरकार 200 करोड़ रुपये की लागत से महत्वाकांक्षी योजना ‘कल्चरल हब’ की स्थापना करेगी। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव देब ने एक कार्यक्रम में कहा कि “राज्य सरकार ने त्रिपुरा में एक ‘कल्चरल हब’ स्थापित करने का फैसला किया है, जो पूर्वोत्तर राज्यों के बीच विविध और पारंपरिक सांस्कृतिक सद्भाव को एकीकृत कर इसे बढ़ावा देगा।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 19 जनजातियों के पारंपरिक जीवन और संस्कृति को प्रोत्साहित करने और आगे बढ़ाने के लिए प्राथमिकता दी है, जो त्रिपुरा की 40 लाख की आबादी में से एक तिहाई हैं। देब ने कहा, “चालू वित्तवर्ष (2019-20) में आदिवासी और गैर-आदिवासियों के 410 सांस्कृतिक कार्यक्रम राज्यभर में आयोजित किए जा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि त्रिपुरा की समृद्ध संस्कृति को विकसित करने के लिए राज्य के बहुमुखी प्रयासों के तहत ललित कला (फाइन आर्ट्स) अकादमी और राष्ट्रीय ललित कला अकादमी का क्षेत्रीय केंद्र भी अगरतला में स्थापित किया गया है। राज्य के सूचना और सांस्कृतिक मामलों के विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में अपनी तरह के पहले प्रस्तावित ‘कल्चरल हब’ के लिए सरकार को एक विस्तृत प्रस्ताव दिया गया है।