गुरु व शिष्य का सामंजस्य करता है समाज में अभिनव सृजन- सुधांशु जी महाराज

पटियाला। आज के सान्ध्यक़ालीन आध्यात्मिक उदबोधन सत्र में श्रद्धेय सुधांशु जी महाराज ने गुरूतत्व एवं शिष्यतत्व पर गम्भीर चर्चाएँ कीं और कहा कि जो सीखने के लिए उद्यत हो और सुनकर जीवन में बदलाव लाए, वह ‘शिष्य’ है। और, जो सिखाने के लिए तत्पर है तथा अपनी तपशक्ति से अपने सम्मुख प्रस्तुत व्यक्ति की तुच्छता को महानता में बदल दे, वह ‘गुरू’ है। गुरू और शिष्य का यह सम्बन्ध और दोनों का यह पारस्परिक आदान-प्रदान अभिनव रचनाएँ खड़ी कर देता है। उन्होंने कहा कि शिष्य का दूसरा नाम ‘सिख’ है।

विश्व जागृति मिशन के प्रमुख श्री सुधांशु जी महाराज ने कहा कि जीवन में कुछ भी शिक्षा देने वाला गुरू कहलाता है। लेकिन जो लघु को विभु बनाने की सामर्थ्य रखता है, वह वास्तव में ‘सदगुरू’ है। जब शिष्य  के जीवन में सदगुरू का अवतरण होता है, तब व्यक्ति के जीवन में ‘क्रान्तियां घटित होती है। उन्होंने शिष्यों वाले अदभुत प्रान्त ‘पंजाब’ को गुरू-शिष्य की सर्वोच्च प्रतिष्ठा वाला प्रदेश बनाने का आह्वान प्रदेशवासियों से किया।

आचार्य सुधांशु जी महाराज ने अपने उदबोधन में पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ.राधाकृष्णन एवं डॉ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को याद किया और उन्हें गुरू सम्मान का अपूर्व महापुरुष बताया। पंजाब की धरती को गुरुओं की पवित्र भूमि बताते हुये उन्होंने गुरुनानक देव के अवतारी स्वरूप पर प्रकाश डाला तथा दसवें गुरुदेव गुरु गोविन्द सिंह तक की गुरु-यात्रा को नमन किया। उन्होंने सृजन की शान्ति को ‘ब्रह्मा’, पोषण व संचालन की शक्ति को ‘विष्णु’ तथा आनन्द प्राप्ति कराने वाली शक्ति को ‘शिव’ कहा।

भारत की पूर्व विदेश राज्य मन्त्री महारानी परनीत कौर आज सत्संग स्थल पहुँची और सुधांशु जी महाराज का नागरिक अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गुरुओं की यह पावन धरती पूज्य सन्तों के आगमन से समय-समय पर कृतकृत्य होती रही है। उन्होंने पंजाबवासियों का आह्ववान किया कि वे विश्व जागृति मिशन की शिक्षाओं का पूरा लाभ उठाएँ। इस मौक़े पर पीआरटीसी के चेयरमैन श्री के.के.शर्मा एवं विधायक श्री मदन लाल जलालपुर के अलावा स्वास्थ्य मन्त्री श्री ब्रह्म महिन्द्रा की पत्नी श्रीमती हरप्रीत महिन्द्रा भी मौजूद रहीं।

ज्ञातव्य है कि वीर हक़ीक़त राय ग्राउण्ड में चल रहे विराट भक्ति सत्संग महोत्सव में एक दर्जन से ज़्यादा लोकोपयोगी स्टॉल लगाए गए हैं। स्टॉल विभाग के प्रमुख श्री प्रयाग शास्त्री ने बताया कि लोगों को अच्छी सेहत का वितरण करने के लिए युगऋषि आयुर्वेद, शरीर के सम्पूर्ण चेक-अप के लिए क्वांटम एनालाइज़र मशीन के विशेष चिकित्सा शिविर, ज्ञानदान के लिए  साहित्य स्टॉल, करुणा सिन्धु अस्पताल, वृद्धाश्रम, कैलाश यात्रा, योग विज्ञान स्टॉल, गौ संवर्धन स्टॉल, देवदूत (अनाथ) शिक्षा स्टॉल, गुरूदीक्षा पंजीयन स्टॉल, नववर्ष मांगल्य महोत्सव स्टॉल, धर्मादा सेवा स्टॉल आदि १६ नवम्बर से निरन्तर अपनी सेवाएँ जनमानस को दे रहे हैं।

विश्व जागृति मिशन के पटियाला मण्डल के प्रधान श्री अजय कुमार अलिपुरिया ने बताया कि रविवार को दोपहर सामूहिक गुरुदीक्षा का  कार्यक्रम सम्पन्न होगा। उन्होंने बताया कि सत्संग महोत्सव का समापन 19 नवम्बर की सायंकाल होगा।