कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता बेहद जरूरी

नई दिल्ली/ सुनील कुमार दूबे। हर साल 4 फरवरी को वर्ल्ड कैंसर दिवस मनाया जाता है। सर्वप्रथम 1933 में अंतर्राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ ने स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में पहली बार विश्व कैंसर दिवस मनाया। इस खास दिन कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने, लोगों को शिक्षित करने, इस रोग के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दुनिया भर में सरकारों और व्यक्तियों को समझाने और हर साल लाखों लोगों को मरने से बचाने के लिए मनाया जाता है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ भारत में रोजाना 1300 लोग कैंसर से मरते है। कैंसर के बारे में बताते चलं कि यह एक ऐसी बिमारी है जिसमे एब्नार्मल सेल्स शरीर में अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगते है जिससे ट्यूमर बन जाता है।

डॉ सुमित सिंह बताते हैं कि ट्यूमर दो प्रकार के होते है- बिनाइन ट्यूमर और मेलिगनेंट ट्यूमर। बिनाइन ट्यूमर शरीर के अन्य भाग में नहीं फैलता और यदि एक बार हटा दिया जाए तो इसके वापस आने की संभावना नहीं होती है लेकिन बिनाइन ब्रेन ट्यूमर जानलेवा होता है। वही दूसरी ओर मेलिगनेंट ट्यूमर शरीर के अन्य टिश्यू में भी फैलता है और यदि सही समय पर इलाज न हुआ तो बाकी अंगों को भी ग्रसित करने लगता है। यह अत्यंत खतरनाक ट्यूमर है क्योंकि इसको हटाने के बाद भी यह वापस उत्पन्न हो सकता है।

देश में बढ़ रही कैंसर की बीमारी से चिंतित डॉ संजय कुमार ने बताया कि इस जानलेवा बीमारी को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो 2020 तक भारत में 25% कैंसर में बढोतरी हो सकती है।

WHO कैंसर रिपोर्ट के अनुसार 33 % कैंसर तम्बाकू का सेवन करने से होता है, 20 % अधिक वजन, 16 % कैंसर कॉसिंग पथोगेंस, 5 % शारीरिक गतिविधियों में कमी, 5 % अल्प खुराक और 2% UV रेस के कारण होती है।

खास बात यह है कि 2014 में इसे विश्व कैंसर घोषणा के लक्ष्य 5 पर केंद्रित किया गया है जो कैंसर के कलंक को कम और मिथकों को दूर करने से संबंधित है। यदि इसी प्रकार लोगो को जागरूक किया जाए तो इस बिमारी से लड़ा जा सकता है और लोगो को एक स्वस्थ भविष्य दिया जा सकता है।

लखनउ के ईश्वर चाइल्ड वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से रविवार को ‘विश्व कैंसर दिवस’ के मौके पर केजीएमयू में जागरूकता रैली निकाली गई। इसका आयोजन दोपहर बारह बजे किया गया। रैली में लगभग 150 लोगों ने शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत संस्था की अध्यक्ष सपना उपाध्याय ने की जिसमें कैंसर से पीड़ित बच्चों और अभिभावकों ने तम्बाकू न खाने की शपथ ली।

वहीं विश्व कैंसर दिवस के मौके पर कानपुर में ऐंजल्स क्लब ने आभा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के सहयोग से कैंसर जागरूकता रैली निकाली। इसमें डॉक्टरों और बच्चों ने लोगों को तम्बाकू, सिगरेट की हानि और कैंसर से बचाने के तरीके बताए। अध्यक्ष कंचन गुप्ता ने बताया कि पालिका स्टेडियम से डॉक्टर किरण पाण्डेय की देखरेख में रैली निकाली गई। रैली आर्य नगर, मार्केट एरिया होते हुए केडी पैलेस में खत्म हुई। इस दौरान बच्चे, क्लब के सदस्य और डॉक्टरों ने रैली में कैंसर से बचाव के तरीके बताए। केडी पैलेस में डॉ. अलका गर्ग, डॉ. रोहित टेकरिवाल, डॉ. पीयूष मिश्रा ने कैंसर परीक्षण के बारे में आम लोगों को बताया। कहा कि कैंसर सिर्फ एक इंसान को होता है, लेकिन उसका दंश पूरे परिवार को झेलना पड़ता है। इस मौके पर डॉ. संजय गुप्ता, सचिव चांदनी अरोरा, शिवांगी, पारुल, अनिता, साक्षी, प्रियंका, वंदना, रिंकल, पलक, पल्लवी, अंकिता, तन्वी, श्रुति, शिविका आदि मौजूद रहीं।

इसके अलावा उदयपुर में भी विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर नारीत्व संस्थान एवं उनकी टीम द्वारा महाराणा भूपाल चिकित्सालय के कैंसर वार्ड में कैंसर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें कैंसर रोगियों एवं उनके परिजनों को समय पूर्व परीक्षण की आवश्यकता एवं समय पर जांच से इस रोग का पूर्णतया इलाज संभव है बताया गया है। महाराणा भूपाल चिकित्सालय कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नरेन्द्रसिंह राठौड़ ने कैंसर रोगियों एवं उनके परिजनों का मनोबल बढ़ाने के लिये संस्थान द्वारा किये गये प्रयासों की सराहना की। संस्थान की निदेशिका ज्योति चैहान ने बताया कि सभी कैंसर रोगियों एवं परिजनों को संस्थान की और से फल वितरित किये गये और आर्गेनिक खाने का कैंसर रोग निदान में महत्व समझाया गया ।

यूनिवर्सल कम्यूनिकेशन मिडिया सेन्टर और ऑल इंडिया जर्नलिस्ट यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में विश्व कैंसर दिवस के उपलक्ष्य पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मंझर पुर विधायक लालबहादुर चौधरी ने कहा कि  कैंसर की बीमारी देश के बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच गया है।

कैंसर से पीड़ित लोगों की संख्या निरंतर बढ़ रही है, कैंसर से बचाव के लिए उन्होंने बताया कि कीटनाशक दवाओं और रासायनिक पदार्थों का प्रयोग करने से यथा संभव बचने की जरुरत है साथ ही उन्होंने सामाजिक स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान मे रखते  हुए कहा कि भारत सरकार ने दस करोड़ गरीब परिवारों को पांच लाख रुपए की स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की है, इस अवसर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलो से आए हुए कैंसर से पीड़ित परिवार  के लोगों ने अपने मनोस्थिति को बयां किया। महराजगंज जिला के पिपरपाती निवासी अभिषेक मिश्रा ने कहा कि कैंसर  एक ऐसी बिमारी हैं जिसका पता लगाना ग्रामीण लोगों के लिए संभव नहीं है, जब तक हम बड़े शहरों मे इलाज के लिए पंहुचते है तब तक मरीज बिमारी के लास्ट स्टेज पर पंहुच जाता हैं, हम चाह कर भी बचा नहीं सकते मै अपनी मां को नहीं बचा सका और इस बात का  दुख मैं ही समझ सकता हूं या कोई पीड़ित परिवार ही समझ सकता है पूर्वांचल में हजारों लोगों ने अपने लोगों को खोया है समय से इलाज न होने के कारण, बस्ती से रविशंकर ने अपने पत्नी के कैंसर से से गुजर जाने और परिवार के बिखर जाने के दर्द को ब्यक्त किया,  इस अवसर संस्था के अध्यक्ष डॉ सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि आज देश के अधिकांश इलाकों में कैंसर की भयावह स्थिति है और पूर्वी उत्तर प्रदेश में जल जनित बिमारियों से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ रही है, आज पूर्वांचल में कैंसर रिसर्च सेंटर की जरूरत है  डॉ सत्येद्र कुमार ने कैंसर की इस भयावह स्थिति से बचने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी की रोकथाम के लिये रिसर्च सेंटर की स्थापना की मांग की, इस अवसर पर प्रदेश से कई जिलों से आए कैंसर से पीड़ित परिवार के सदस्य गण गोरखपुर से नर्वदेश्वर राम तिवारी, देवरिया जिले संगम शुक्ल, आदि अपने विचार व्यक्त किए।

निश्चित तौर पर कैंसर एक जानलेवा बीमारी है इसकी रोकथाम के लिए सरकारी और गैरसरकारी संगठनों के साथ ही जनता को भी जागरुक होने की जरुरत है। जिस दिन ऐसा हो गया तो वह दिन दूर नहीं जब देश कैंसर को जड़ से खत्म करने में दुनिया के पटल पर नया इतिहास लिखेगा।