कोविंद और मोदी ने दी बुद्ध पूर्णिमा की बधाई, नीतीश ने किया भगवान बुद्घ को नमन, बोधगया में निकाली गई भव्य शोभायात्रा

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की बधाई दी। राष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा, बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर देश के नागरिकों और वैश्विक बौद्ध समुदाय को बधाई देता हूं। भगवान बुद्ध का अहिंसा, प्यार और करुणा का संदेश हमें दूसरों के कल्याण के लिए काम करने की शक्ति देता है। कामना है कि उनकी शिक्षाएं हमें सार्वभौमिक बंधुता की ओर ले जाएं। वहीं नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि भगवान बुद्ध की शिक्षा 21वीं सदी में भी अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने आगे कहा, उनका जीवन समाज से पीड़ा और अन्याय दूर करने के लिए समर्पित रहा। उनके करुणा के भाव ने उन्हें लाखों लोगों का प्रिय बना दिया। सभी को बुद्ध पूर्णिमा की बधाई। बता दें कि बुद्ध पूर्णिमा के दिन गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था इसलिए इस पर्व को बड़े पैमाने पर पूर्व एशियाई देशों में पारंपरिक तौर पर मनाई जाती है। बुद्ध ने ही आगे चलकर बौद्ध धर्म की स्थापना की थी।

वहीं देश और दुनिया को शांति का संदेश देने वाले भगवान बुद्घ की जयंती सोमवार को पूरे बिहार में धूमधाम से मनाई जा रही है। ‘ज्ञानस्थली’ के रूप में विख्यात बिहार के बोधगया में महात्मा बुद्घ की जयंती को लेकर बड़ी संख्या में बौद्घ धर्मावलंबी पहुंचे हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इस मौके पर भगवान बुद्घ को नमन किया और कहा कि भगवान बुद्घ का संदेश आज के समय में भी प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री नीतीश सुबह पटना के बुद्घ स्मृति पार्क पहुंचे जहां वे बुद्घ जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने बौद्घ भिक्षुओं के साथ भगवान बुद्घ की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और पूजा-अर्चना की।

इधर बोधगया में इस अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में बौद्घ धर्मगुरु समेत काफी संख्या में श्रद्घालु शामिल हुए। इस दौरान ‘बुद्घं शरणं गच्छामि’ के जयघोष से पूरा इलाका गूंजायमान हो उठा। गौरतलब है कि बुद्घ जयंती के मौके पर बोधगया में 29 अप्रैल से तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। भगवान महात्मा बुद्घ के प्रमुख पुजारी भंते चलिंदा ने कहा कि यह मौका विशेष है। इस मौके पर कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक भी सोमवार को बोधगया आ रहे हैं। मान्यता है कि महात्मा बुद्घ को बोधगया में ही एक पीपल वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ था और वे महात्मा बुद्घ से भगवान महात्मा बुद्घ बन गए थे।