प्रधानमंत्री मोदी ने बुद्ध जयंती समारोह का दिल्ली में किया उद्घाटन, आचार्य लोकेश समेत कई धर्म गुरुओं ने की शिरकत

नई दिल्ली। भगवान बुद्ध जयन्ती पर भारत सरकार के सांस्कृतिक मंत्रालय द्वारा इन्दिरा गान्धी इण्डोर स्टेडियम में आयोजित समारोह का माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने उद्घाटन किया। जैनधर्म की ओर से आचार्य डॉ लोकेशमुनिजीहिन्दु धर्म से साध्वी भगवती सरस्वतीजीइस्लाम धर्म से मुफ़्ती मंज़ूर जियाइ जीसिक्ख धर्म से परमजीतसिंह चण्डोक जी व आचार्य शैलेश तिवारी जी ने शुभकामनाएँ दी।समारोह में केन्द्रीय मंत्री डॉ महेश शर्माकेन्दीय मंत्री श्री किरण रिजीजुसैकड़ों बौद्ध भिक्षु व हज़ारों श्रद्धालु उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि बौद्ध परंपराओं के विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित करने के लिए बौद्ध संस्थानों का एक समूह आज एक साथ आया है। प्रधान मंत्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत कभी आक्रामक नहीं रहा है और भारत में पैदा हुए धार्मिक विचार हमेशा दूसरों के बारे में सोचते रहे हैं। भारतीय धर्म समावेशी और सहिष्णु हैं। प्रधान मंत्री मोदी ने इस अवसर पर सबको  बधाई दी। उन्होंने कहा “भगवान बुद्ध की शिक्षा 21 वीं शताब्दी में बेहद प्रासंगिक हैं। भगवान बुद्ध पीड़ा को कम करने और समाज से अन्याय को दूर करने के लिए समर्पित । उनकी करुणा ने उन्हें लाखों लोगों तक पहुंचा दिया है। “

अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैन आचार्य डा. लोकेश मुनि ने इस अवसर पर कहा कि बुद्ध और जैन धर्म दोनों अहिंसाशांति और करुणा सिखाते हैं। दोनों साथ मिलकर मानव कल्याण के लिए विश्व शांति और सद्भाव स्थापित करना चाहते हैं। कई अवसरों पर परम पूज्य दलाई लामा ने कहा है कि बुद्ध और जैन धर्म एक ही माँ  के दो पुत्रों की तरह हैं। दोनों भारत में पैदा हुए और मानवता के लिए काम करते थे। उन्होंने कहा कि भारत में बहुलवादी संस्कृति है जहां सभी धर्मों और विश्वास के लोग सद्भाव के साथ रहते हैं।