प्रज्ञा-बोध-गीत संग्रह ‘आवाज़ दे रहा महाकाल’ का हुआ विमोचन

नई दिल्लीl कविवर आचार्य देवेन्द्र देव द्वारा लिखित गीतों के प्रज्ञा-बोध-गीत संग्रह ‘आवाज़ दे रहा महाकाल’ का विमोचन आज आनन्दधाम यज्ञशाला में सम्पन्न हुआ। उप्र सरकार के नगर विकास विभाग में अधिकारी रहे श्री देव एक गायत्री साधक हैं और सम्प्रति आरएसएस के संस्कार भारती प्रकोष्ठ में अखिल भारतीय सह-साहित्य-प्रमुख के रूप में राष्ट्रसेवा कर रहे हैं।
इस अवसर पर देश-विदेश के हज़ारों मिशन साधकों के अलावा डॉ. अवनीश चौहान, शम्भु ठाकुर, अमर सोनी, उदितेंदु कुमार व संतोष ठाकुर आदि युवा कवियों के साथ क्रान्तिकारी गीतों के प्रख्यात वरिष्ठ राष्ट्रीय कवि एवं क्रान्तिवीर पं.राम प्रसाद विस्मिल महाकाव्य के प्रणेता क्रान्त एम.एल.वर्मा भी उपस्थित थे।
इस काव्य पुस्तक में कवि देवेन्द्र देव के उन सभी गीतों-कविताओं को छापा गया है, जो समय-समय पर अखण्ड ज्योति तथा युग निर्माण योजना में प्रकाशित होती रही हैं। श्री देव ने अपनी एक रचना इस मौक़े पर सबको सुनायी। उन्होंने १०८ कुण्डीय यज्ञशाला में हज़ारों यज्ञ-साधकों की मौजूदगी में पुस्तक विमोचन को अपने जीवन का ख़ास अवसर कहा।
श्री गणेश लक्ष्मी महायज्ञ के दूसरे दिन प्रज्ञा काव्य पुस्तक का विमोचन करने के बाद श्रद्धेय आचार्य सुधांशु जी महाराज ने महाकाल और काव्य की बड़ी सुन्दर व्याख्या की और आचार्य देवेन्द्र देव को विलक्षण कवि बताया। उन्होंने कविराज के ६५वें जन्मदिन पर माला पहनाकर यज्ञ भगवान का आशीर्वाद प्रदान किया।
ज्ञातव्य हो कि आचार्य देवेन्द्र देव १३ अति महत्वपूर्ण विषयों पर महाकाव्यों की रचना करने वाले राष्ट्रीय स्तर के यशस्वी कविता-साधक हैं। उन्होंने गायत्रेय (गायत्रीपुत्र प.पू. पं.श्रीराम शर्मा आचार्य) बांग्ला-त्राण, युवमन्यु (स्वामी विवेकानन्द) हठयोगी नचिकेता, राष्ट्र-पुत्र यशवन्त, बलि-पथ, इदं राष्ट्राय, अग्नि-ऋचा (डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम), लोक-नायक (जय प्रकाश नारायण), बिरसा मुंडा, शंख महाकाल का, कैप्टन बाना सिंह और बिस्मिल नामक महाकाव्य रचे हैं। ये सभी काव्यग्रन्थ बड़े लोकप्रिय हुए हैं। कार्यक्रम का संचालन-समन्वयन विश्व जागृति मिशन के निदेशक श्री राम महेश मिश्र ने किया।