अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर दृष्टिहीन छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता का लिया संकल्प

ऋषिकेश। सुरेन्द्र नगर, गुजरात से आया 100 से अधिक दृष्टिहीन छात्राओं का दल परमार्थ निकेतन पहुंचा। यह दल संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। इस दल के सदस्यों ने श्री चन्दू भाई के नेतृत्व में परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से मुलाकात की।
पूज्य स्वामी जी ने छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के लिये पे्ररित किया तथा  उन्होने कहा कि इन बालिकाआंे को स्वच्छता, पर्यावरण, जल और नदियों के संरक्षण के लिये जागरूक किया जायें जिससे ये छात्रायें अपने मधुर संगीत के माध्यम से प्रेरणाप्रद संदेश प्रसारित कर सकती है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’दृष्टिहीनता को निर्बलता नहीं सबल अस्त्र के रूप में अपनाये और मन की आंखों से दुनिया की सुन्दरता को देखने का प्रयत्न करें। उन्होने कहा कि हम सभी मंे कुछ न कुछ आन्तरिक या बाह्य कमियाँ होती हैं उससे आगे बढ़कर जीवन को दिव्य बनाने का प्रयत्न करंे। उन्होने कहा कि सूरदास जी भी दृष्टिहीन थे परन्तु उनके द्वारा लिखे दोहे आज भी दुनिया को रास्ता दिखा रहे है। आप सब भी अपने संगीत के माध्यम से इस देश में स्वच्छता रूपी उजाला फैलाने में निश्चित रूप से कामयाब हो पायंेगे।’
स्वामी जी ने छात्राओं को शिक्षा एवं संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिये आज अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आशीर्वाद के साथ सहायता राशि भी भेंट की। छात्राओं ने कहा कि हम देख तो नहीं सकते पर यहां व्याप्त दिव्यता को अनुभव कर सकते है; यहां पर हमें जो आत्मीयता प्राप्त हुयी वह प्रभू के वरदान से कम नहीं है।
इस दल ने स्वामी जी के साथ वाटर ब्लेसिंग सेरेमनी में सहभाग किया तत्पश्चात परमार्थ गंगा तट पर होने वाली दिव्य गंगा आरती में सहभाग किया।