भारत की बहुलतावादी संस्कृति की विश्व को जरुरत – आचार्य लोकेश

मुंबई। अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य डा. लोकेश मुनि अमेरिका में जैन धर्म और भारतीय संस्कृति का परचन फहराकर जब मुम्बई पहुंचे तो महाराष्ट्र सरकार के शहरी विकास मंत्री श्री प्रकाश मेहता व जैन धर्म की विभिन्न संस्थाओं के ट्रस्टियों ने आचार्य श्री का शाल ओढाकर स्वागत किया| घाटकोपर के शांतसुधा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में स्थानकवासी परंपरा से गच्छाधिपति भावचन्द्र जी महाराज, मूर्तिपूजक परंपरा से आचार्य मलयकीर्ति चन्द्र जी महाराज, आचार्य विजय कुलचन्द्र सुरीश्वर जी महाराज, मुनिश्री  कुलदर्शन विजय जी, मुनिश्री कुलरक्षित विजय जी, साध्वी अगम दर्शिता श्री सहित बड़ी संख्या साधू साध्वी व श्रद्धालु उपस्थित थे|

आचार्य लोकेश ने अमेरिका में शांति सद्भावना व योग यात्रा के दौरान संयुक्त राष्ट्र संघ मुख्यालय में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस में भाग लिया और इस अवसर पर आयोजित ‘शांति के लिए योग’ सम्मेलन को संबोधित किया| न्यूयॉर्क में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर महात्मा गाँधी पीस फाउंडेशन इंटरनेशनल  द्वारा ‘अहिंसा व शांतिपूर्ण सहस्तित्व’ विषय को मुख्य अथिति व प्रमुख वक्ता के रूप में संबोधित किया| आचार्य लोकेश मुनि का शिकागो के भारतीय दूतावास में राजदूत नीता भूषण ने भव्य स्वागत किया, इस अवसर पर आयोजित ‘हिंसा मुक्त विश्व’ संगोष्ठी को आचार्य लोकेश ने संबोधित किया|

आचार्य लोकेश को विश्व शांति और सद्भावना के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए शिकागो जैन सेंटर की रजत जयंती के दौरान ‘विशिष्ठ सेवा अवार्ड’ से सम्मानित किया|शान्तिदूत आचार्य डा. लोकेश मुनि ने न्यूयॉर्क में आयोजित ‘शांति के लिए अंतरधार्मिक प्रार्थना’ को संबोधित किया| अहिंसा विश्व भारती की अन्तर्राष्ट्रीय शाखा का उदघाटन आचार्य लोकेश मुनि ने अपनी यात्रा के दौरान न्यूजर्सी में किया| आचार्य लोकेश ने कनाडा व अमेरिका में आयोजित अनेक कार्यक्रमों में विश्व शांति व सद्भावना का सन्देश देते हुए कहा कि मानव कल्याण व समाज के विकास के लिए अंतरधार्मिक संवाद आवश्यक है|

मुम्बई में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए आचार्य लोकेश मुनि ने कहा कि यह मेरा नहीं भारत बहुलतावादी संस्कृति व भारत के नैतिक, चारित्रिक मूल्यों का सम्मान है| भारतीय संस्कृति व  भगवान महावीर के अहिंसा व शांति के सन्देश की आज विश्व को जरुरत है| जैन समाज को एकजुट होकर विश्व शांति व सद्भावना के लिए प्रयास करने चाहिए|

श्री प्रकाश मेहता ने इस अवसर पर कहा कि आचार्य लोकेश ने विश्व ने भारत व भारतीय संस्कृति का गौरव बढाया है| उन्होंने कहा कि अमेरिका की तर्ज पर भारत में भी जैन एकता जरुरी है|

सभा में उपस्थित गच्छाधिपति भावचन्द्र जी महाराज, आचार्य मलयकीर्ति चन्द्र जी महाराज, आचार्य विजय कुलचन्द्र सुरीश्वर जी महाराज, मुनिश्री कुलदर्शन विजय जी ने आचार्य लोकेश की सराहना करते हए कहा कि हम अपनी मर्यादाओं में बंधे होने के कारण विदेश नहीं जा सकते है| आचार्य लोकेश ने विदेशों में जाकर भगवान महावीर का सन्देश पूरी दुनिया को दिया है| जैन दर्शन की आज पूरी दुनिया को जरुरत है| उन्होंने एक स्वर में कहा कि जैन एकता के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने चाहिए|