न्यायिक प्रक्रिया सर्वोपरि है, सर्वोच्च न्यायालय से ही श्री राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा – सुरेश खन्ना

कारसेवकपुरम, अयोध्या। श्री राम मंदिर निर्माणार्थ 21 अप्रैल से आरंभ हुई श्री राम कथा के अंतिम दिन कथा व्यास श्री मुरलीधर जी ने कथा विराम करते हुए कहा कि राम जी ने अपने माता पिता की आज्ञा को शिरोधार्य कर वनगमन किया और राक्षसों का नाश किया । राम राज्य की स्थापना की । आज कलिकाल में भी श्री सतीश वैष्णव जी जैसे पुत्र हैं जिन्होंने अपने स्वर्गीय माता पिता की इच्छा श्री राम मंदिर निर्माण शीघ्र हो को सर्वोपरि मानते हुए, श्री राम कथा का आयोजन भगवान श्री राम की जन्म स्थली अयोध्या में किया । संकल्प बड़ा होता है और तब अवश्य पूर्ण होता है जब भगवान की कृपा हो – जापर कृपा राम की होई, ता पर कृपा करे सब कोई ।

आज की कथा में सीता जी का हरण, रावण का मरण और श्री राम का राज्यभिषेक हुआ । हनुमान जी का मिलन, सुग्रीव की मैत्री, विभीषण की शरणागति जैसे मार्मिक प्रसंग सुनाते हुए कथा व्यास ने आयोजक श्री सतीश वैष्णव, अतिथियों, सभी पधारे लोगों और माननीय नगर विकास मंत्री श्री सुरेश खन्ना जी पर ईश्वर की विशेष कृपा बताते हुए कहा कि श्री राम की कथा और राम की ही जन्म भूमि अयोध्या में आकर श्रवण करना राम की कृपा बिना संभव नहीं है । उन्होंने परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के परमाध्यक्ष स्वामी श्री चिदानंद सरस्वती जी का विशेष धन्यवाद किया जिनकी प्रेरणा और मार्गदर्शन से श्री राम कथा का आयोजन संभव हो पाया । परमार्थ निकेतन ऋषिकेश से पधारे श्री लोकेश शर्मा ने पूज्य स्वामी जी का पावन संदेश पढ़कर सुनाया ।

श्रीमद जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री राघवाचार्य जी महाराज जी ने कहा की आप सभी का सौभाग्य है कि आप लोग राम जी की जन्मभूमि अयोध्या उन्ही की कथा सुनने आए हैं । आप लोग बड़भागी हैं । समापन समारोह में नगर विकास मंत्री श्री सुरेश खन्ना जी पधारे । उन्होंने महाराज जी का अभिनंदन किया, प्रणाम किया और कहा कि सबकी इच्छा है कि राम जी का मंदिर शीघ्र बने । हमारी भी इच्छा है, सब लोग चाहते हैं राम जी सबकी इच्छा शीघ्र पूर्ण करें । मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और संवैधानिक प्रक्रियाओं के अन्दर ही मंदिर का निर्माण शीघ्र संभव हो, हम सब भगवान से प्रार्थना करें । न्यायिक प्रक्रिया सर्वोपरि है, सर्वोच्च न्यायालय से ही श्री राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा । महंत श्री राम विलास वेदांती जी ने राम मंदिर का निर्माण हेतु श्री राम कथा को अदभुत संयोग बताते हुए कहा कि जो  माता पिता की इच्छा को सर्वोपरि मानकर उनके स्वर्ग लोक के बाद भी उनकी इच्छा की पूर्ति के लिए कार्य करते हैं ऐसे संस्कारवान लोगों पर ईश्वर विशेष कृपा करते हैं । उन्होंने ने कहा कि वे वर्षों से भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए संकल्पित है और यह संकल्प अब शीघ्र पूर्ण होगा, इसके लिए चाहे कुछ भी करना पड़े । अंत में देश के विभिन्न राज्यों से पधारे गणमान्य लोगों ने श्री सतीश वैष्णव का स्वागत-सम्मान किया और उन्होंने अपने उद्बोधन में स्वामी श्री चिदानंद सरस्वती जी, कथा व्यास श्री मुरलीधर जी, श्री सुरेश खन्ना जी, महंत श्री राम विलास वेदांती जी और सभी अतिथियों का धन्यवाद किया ।