शिक्षा के जरिए भावात्मक और मानसिक विकास जरुरी – आचार्य लोकेश

नई दिल्ली। अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य डा. लोकेश मुनि ने  इन्दिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स में एक निजी टीवी चैनल द्वारा आयोजित  ARTH- A CULTURE FEST को संबोधित किया। राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, सुब्रमानियन स्वामी, गौर गोपाल दास, इमाम त्वाहीदी, अर्णव गोस्वामी, सुधीर चौधरी, रवीना टंडन समेत कई मशहूर हस्तियों ने तीन दिवसीय फेस्ट मे हिस्सा लिया।

आचार्य लोकेश ने कहा कि सुख, शांति और आनंद का संबंध पदार्थ और परिस्थिति से नहीं हमारी मनोस्थिति से है। उसको पाने के लिए दवाई की नहीं साधना की जरूरत है। धर्म और संप्रदाय अलग तत्व है, उनको एक करने से समस्या उत्पन्न होती है। शिक्षा के माध्यम से बौद्धिक एवं मानसिक विकास के साथ साथ मानसिक एवं भावात्मक विकास भी आवश्यक है। भौतिक विकास जब अध्यात्म की नींव आधारित हो तो वरदान बन जाता है अन्यथा अभिशाप।

अमेरिका से समागत प्रोफेसर श्री सुभाष काक, प्रख्यात लेखक पवन वर्मा,  प्रख्यात विद्वान हरभजन सिंह ने आचार्या लोकेश से साथ पैनल चर्चा को संबोधित किया। हिंडोल सेनगुप्ता ने सत्र का संचालन किया। भारत और विश्वभर से 120 से अधिक वक्ताओं, 40 से अधिक कलाकारों, 30 से अधिक शिल्पियों ने इस उत्सव में भाग लिया। सभी कार्यक्रम ‘संवाद’ व ‘समावेश’ के अंतर्गत हुये कला कौशल के तहत कलाकारों ने अपनी काला का प्रदर्शन किया।