एएमयू में उठी आरक्षण की मांग, बीएचयू में आरक्षण तो एएमयू में क्यों नहीं?

अलीगढ़/ बुशरा असलम। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में ST-SC आरक्षण की मांग शुरु हो गई है। अलीगढ़ से बीजेपी के सांसद सतीश गौतम ने पूछा है कि आखिर एएमयू छात्रों को आरक्षण देने में भेदभाव क्यों कर रहा है। सवाल उठ रहा है कि अगर बीएचयू में आरक्षण दिया जा सकता है तो एएमयू को विशेष सुविधा क्यों दी जा रही है। उधर बीजेपी की मांग का सियासी एंगल भी है। बीजेपी के सामने 2019 लोकसभा चुनाव की चुनौती है, ऐसे में उसकी नज़र दलित वोटबैंक पर है लिहाजा उसकी मांग पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिन्ना पर चली लंबी जंग के बाद अब एएमयू में फिर महासंग्राम छिड़ने के आसार बन गये हैं, क्योंकि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में दलितो, पिछड़ों के लिये आरक्षण की मांग उठने लगी है। यूपी की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी सवाल उठा रही है कि अगर बीएचयू में आरक्षण लागू है तो एएमयू में क्यों नहीं। अलीगढ़ से बीजेपी के सांसद सतीश गौतम ने AMU के VC को चिट्टी लिखी है. सांसद सतीश गौतम ने VC से पूछा है कि उनके संसदीय क्षेत्र बनी यूनिवर्सिटी में SC/ST और OBC के छात्रों को प्रवेश में आरक्षण क्यों नहीं दिया जा रहा? सतीश गौतम बीजेपी के वही सांसद हैं जिन्होंने AMU में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर सवाल उठाया था।
ये पहली बार नहीं है कि ये मुद्दा उठा है यूपी के CM योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में SC/ST को आरक्षण देने का मुद्दा उठा चुके हैं वहीं BJP नेता और राष्ट्रीय अनुसूचित, जनजाति आयोग के अध्यक्ष राम शंकर कठेरिया ने भी इस मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया है। कठेरिया की माने तो AMU को अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी का दर्जा भी प्राप्त नहीं है।
यूनिवर्सिटी में फिलहाल इंटरनल और एक्सटरनल आरक्षण है। इंटरनल उन छात्रों के लिये है जो AMU से 12वीं कक्षा पास करते हैं, जबकि एक्सटरनल आरक्षण उन छात्रों के लिए है जो देश में किसी भी स्कूल से 12वीं पास करके आते हों फिर चाहे वो किसी भी समुदाय और जाति के छात्र हो। उधर अंबेडकर महासभा भी इस मुद्दे पर एक्टिव हो गई है।
अब सवाल ये है कि क्या बाकी शिक्षण संस्थानों से अलग है एएमयू? क्या पिछड़ों दलितों को एएमयू में पढ़ने का हक नहीं है?
आखिर एएमयू को आरक्षण से एतराज क्यों है?