भारत में जिन्ना का गुड़गान बर्दाश्त नहीं- योगी आदित्यनाथ

नई दिल्ली/ अभिषेक सिंह। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जिन्ना ने हमारे देश का बंटवारा किया, भारत में जिन्ना का गुड़गान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। आपको बतादें कि योगी आदित्यनाथ कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान ये बातें कहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने AMU मामले में जांच के आदेश दिए जा चुके हैं जल्द ही उन्हें इसकी रिपोर्ट भी मिल जाएगी. जैसे ही रिपोर्ट मिलेगी, वह इस मामले में त्वरित एक्शन लेंगे।
इससे पहले, बुधवार को जिन्ना की फोटो पर चल रहा विवाद और ज्यादा गर्मा गया। दोपहर में हिंदू जागरण मंच और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने एएमयू इंतजामिया का पुतला फूंका, फिर परिसर में घुसकर सुरक्षा बल के जवानों से मारपीट की। ये जब थाना सिविल लाइंस की ओर कूच करने लगे तो पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया। आंसू गैस के गोले दागे और रबर बुलेट भी चलाईं। इसमें एक दर्जन से अधिक छात्रों के घायल होने की खबर है। हालांकि पुलिस ने रबर बुलेट चलाने से इंकार किया है। उधर लाठीचार्ज के विरोध में छात्र एएमयू के मुख्य गेट (बाब-ए-सैयद गेट) पर धरने पर बैठ गए।
एएमयू के यूनियन हॉल में मो. अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर पिछले कई दिनों से माहौल गरमाया हुआ है। जिन्ना की तस्वीर हटाने की मांग को लेकर दोपहर करीब 1:30 बजे हिन्दू जागरण मंच और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के आधा दर्जन कार्यकर्ता सर्किल पर जा पहुंचे और एएमयूइंतजामिया का पुतला फूंका। तभी एएमयू के सुरक्षा कर्मियों ने कार्यकर्ताओं को दबोच लिया और एएमयू परिसर में ले गए। आरोप है कि वहां पर कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता की गई। इसके बाद पुलिस ने सभी को थाना सिविल लाइंस ले जाकर छोड़ दिया।
इस घटना की जानकारी जैसे ही अन्य कार्यकर्ताओं को हुई तो वे भी थाना सिविल लाइंस पहुंच गए। इसके बाद करीब डेढ़ दर्जन कार्यकर्ता थाने से सीधे एएमयू पहुंचे। वहां पर सुरक्षा कर्मी ने रोकने की कोशिश की तो उससे मारपीट कर दी। दूसरी ओर एएमयू छात्र संघ के पदाधिकारी और अन्य छात्र भी आ गए। एक तरफ एएमयू छात्रों ने मोर्चा संभाल लिया तो दूसरी ओर हिंजाम और एवीबीपी कार्यकर्ता डट गए।
    इस दौरान भारी पुलिस फोर्स भी पहुंच गया और विद्यार्थी परिषद तथा हिंजाम के कार्यकर्ताओं को पुलिस थाने ले गई। वहां पर ये कार्यकर्ता एएमयू छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
दूसरी ओर एएमयू छात्र संघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी ने चेतावनी दे दी कि पुतला फूंकने और सुरक्षा कर्मी से मारपीट करने वाले आरोपी यदि 30 मिनट के अंदर गिरफ्तार नहीं किए तो वह गिरफ्तारी देंगे। जैसे ही शाम करीब चार बजे समय सीमा खत्म हुई तो एएमयू छात्रों ने गिरफ्तारी देने के लिए थाना सिविल लाइंस की ओर कूच कर दिया। छात्र एएमयू सर्किल से निकल कर लाल डिग्गी के मुख्य गेट के सामने आए पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। आरोप है कि एसपी क्राइम और आरएएफ कमांडेंट के साथ अभद्रता कर अन्य पुलिस अधिकारियों को भी यहां धक्का दे दिया। इसके बाद पुलिस छात्रों पर टूट पड़ी और दौड़ा-दौड़ा कर छात्रों को पीटा। आरोप है कि छात्रों पर रबर बुलेट भी चलाईं।
एसपी क्राइम आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि छात्रों की भीड़ जब थाने की ओर जा रही थी तो उन्हें समझाने का प्रयास किया गया। उसी दौरान मेरे और आरएएफ के कमांडेंट समेत कई अधिकारियों से अभद्रता की गई। पुलिस ने लाठी फटकारीं और आंसू गैस छोड़ी। रबर बुलेट नहीं चलाई गई है।
देवबंदी उलेमा ने भी न सिर्फ ऐतराज जताया है बल्कि तस्वीर लगाने वाले छात्रों की भी कड़ी निंदा की है। इतना ही नहीं मौलाना ने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि जिन्ना की तस्वीर लगाने से यूनिवर्सिटी और मुसलमानों को बदनाम करने की कोशिश है। यहां का मुसलमान अपने देश से प्यार करता है। ऑनलाइन फतवा के चेयरमैन मुफ़्ती अरशद फारुकी ने कहा कि जिस समय जिन्ना ने बंटवारे की बात उठाई थी तो उलेमा ने इसका विरोध किया था और इसी तरह अगर जिन्ना की तस्वीर लगाए जाने पर किसी तरह का विवाद हो रहा है तो इसे हटा देने में कोई हर्ज नहीं है।
मदरसा मोहतमिम नूनाबड़ी मुफ्ती अथर कासमी ने कहा कि यूनिवर्सिटी को और मुसलमानों को बदनाम करने के लिए ऐसा किया है। ऐसे लोगों के ऊपर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। हम मुल्क से पैदा हुए हैं और इसी मिट्टी में पैदा हुआ है, इसी मिट्टी में यही दफन होंगे। इसके लिए मोहब्बत हमारी रग-रग में भरी है। फिर हम ऐसे लोगों की तस्वीर लगाएं ये हमारे लिए अच्छा नहीं है।
संघ विचारक आमिर राशिद ने कहा कि देश का मुसलमान मोहम्मद अली जिन्ना से घृणा करता है। आमिर ने कहा कि जो भी छात्र मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लाकर देगा, उसको 51 हजार रुपए देंगे। साथ ही एक और ऐलान किया कि जो भी छात्र वीर सावरकर, शिवाजी महारज, केशवराव हेडगेवार की तस्वीर छात्र संघ के कार्यालय में लगाएगा, उसे एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।आमिर ने कहा कि इससे उन्हें भारतीय संस्कृति व भारतीय शूर वीरों की गाथा का पता चलेगा और उनसे प्रेरणा लेंगे, जिससे उनका राष्ट्रवाद भी मजबूत होगा।
    ऑल इंडिया जर्नलिस्ट यूनियन के संरक्षक राम महेश मिश्र नें इस पर गहरा दुख प्रकट किया विशेष बात चीत में उन्होंने बताया कि “हमें बहुत बुरा लगा है AMU की यह घटना सुनकर। सोचता हूँ, हो क्या गया है हमारे देश के ख़ून को। देश के कुछ लोगों पर बड़ी सख़्ती करने की जरूरत है। इधर AMU में जिन्ना की फ़ोटो बरक़रार है, उधर पाकिस्तान ने लाहौर में लाला लाजपत राय की मूर्ति 1947 में ही तोड़ दी थी। ‘फ़ादर ऑफ लाहौर’ सर गंगाराम की मूर्ति लाहौर में ही तोड़ डाली गयी थी। कराची हाईकोर्ट में लगी हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति को तोड़ा जाने वाला था। उसे बचाने के लिए वह मूर्ति इंडियन हाई कमीशन के परिसर में शिफ़्ट करना पड़ा था, तब गांधी बच पाए थे। अन्यथा पूरे पाकिस्तान में कहीं भी वो महात्मा गांधी नहीं होते, जो दुनिया के अनेक देशों में आज भी विराजमान हैं और जिनकी मूर्तियाँ निरन्तर विदेशों में लग रही हैं। हमने अपना ही मज़ाक़ बनाया हुआ है और बनाते जा रहे हैं। न जाने कब यह सब रुकेगा। जिस सरकार में ऐसी घटनाएँ प्रकाश में आने पर सख़्त क़दम उठने की उम्मीद थी, वहाँ से भी क़दम-क़दम पर बेहद लचीले रवैए उठने के कारण नाउम्मीदी ही दिखती है। देखते हैं, एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय में श्री योगी जी क्या कुछ कर पाते हैं। अब देश के चुनिंदा हितैषियों को कुछ अप्रत्याशित क़दम उठाने पड़ेंगे।
गौरतलब है कि अलीगढ़ से भाजपा सांसद सतीश गौतम ने एएमयू के कुलपति तारिक मंसूर को लिखे पत्र में विश्वविद्यालय छात्रसंघ के कार्यालय की दीवारों पर पाकिस्तान के संस्थापक की तस्वीर लगे होने पर आपत्ति जताई थी। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता शाफे किदवई ने दशकों से लटकी जिन्ना की तस्वीर का बचाव किया और कहा कि जिन्ना विश्वविद्यालय के संस्थापक सदस्य थे और उन्हें छात्रसंघ की आजीवन सदस्यता दी गई थी।