अखाड़ा परिषद की फर्जी बाबाओं वाली लिस्ट में स्वामी चक्रपाणि महाराज का नाम शामिल

इलाहाबाद। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा एक इमरजेंसी बैठक बुलाई गई। यह बैठक इलाहाबाद में संगम के नजदीक स्थित बड़ा पंचायती अखाड़े के मुख्यालय में सुबह करीब 10:30 बजे शुरू हुई।  इस बैठक में फर्जी बाबाओं की तीसरी लिस्ट जारी की गई।

जिसमें अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज और कल्किधाम फाउंडेशन के संस्थापक और कांग्रेस के सदस्य आचार्य प्रमोद कृष्णम को फर्जी बाबा बताया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कहा कि दोनों बाबा किसी संन्यासी परंपरा से नहीं आते। इस बैठक में कुम्भ को लेकर भी प्रस्ताव पास किए गए।

फर्जी बाबाओं की सूची में शामिल होने के बाद स्वामी चक्रपाणि महाराज ने अखाड़ा परिषद और उसके महंत नरेंद्र गिरी को ही फर्जी करार दे दिया है। उन्होंने कहा,  कि दरअसल जब दूसरी सूची जारी हुई थी तभी मैंने कहा था कि अखाड़ा परिषद और नरेन्द्र गिरी खुद फर्जी हैं। उनका और उनके अखाड़े का कोई रजिस्ट्रेशन तो है ही नहीं। फिर काहे का अखाड़ा ? अब व्यक्ति जब पागल ही हो जाए तो उसे क्या कहना। वह तो किसी पर भी भौंक सकता है।”

स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि जब दूसरी सूची जारी हुई थी, जिसमें आशाराम बापू समेत कई लोगों के नाम शामिल थे तब भी मैंने उन्हें चेतावनी दी थी। मैंने कहा था कि मैं संत समाज का अध्यक्ष हूं, अगर फिर ऐसा हुआ तो संत समाज से बाहर कर दूंगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब मैं अखाड़ा परिषद् और उसके महंत नरेंद्र गिरी को भी बाहर निकलवा दूंगा। आचार्य प्रमोद कृष्णम काल्किम संभल के पीठाधीश्वर हैं। इनका नाम भी फर्जी बाबाओं की सूची में शामिल है। प्रमोद कृष्णम 2014 में कांग्रेस के टिकट पर संभल से चुनाव भी लड़ चुके हैं।