अहमदाबाद में विराट् भक्ति सत्संग शुरू, हरि ॐ नमो नारायणाय के गायन से गूँजा भाटगाम

अहमदाबाद/ नेहा मिश्रा। विश्व जागृति मिशन नई दिल्ली एवं अहमदाबाद मण्डल के संयुक्त तत्वावधान में आज यहाँ चार दिवसीय विराट् भक्ति सत्संग महोत्सव का श्रीगणेश सायंकाल हुआ। गांधीनगर हाइवे पर इन्दिरा ब्रिज के समीप राज फ़ार्म परिसर में जब मिशन प्रमुख आचार्य सुधांशु जी महाराज ने जब ‘हरि ॐ नमो नारायणाय’ भजन का गायन किया, तब चैत्र नवरात्रि के पाँचवें दिवस सत्संग में पहुँचे हज़ारों नर-नारी झूम उठे। उन्होंने नवसंवत्सर-2075, चैत्र नवरात्रि, चेटीचन्द पर्वों के शुभकामनाएँ सभी को दीं।

इस अवसर पर सन्तश्री सुधांशु जी महाराज ने कहा कि नए भारतीय वर्ष के शुभागमन के मंगलमयी क्षणों का यह समय बड़ा पुण्यदायी समय होता है। नए कोपलों वाली हरीतिमा से भरी-पूरी प्रकृति उल्लास की हिलोरें ले रही होती है। मनुष्य बसन्त को बाहर से भीतर तक जी रहा होता है। ऐसे अद्भुत समय में अहमदाबाद नगरी में अनुष्ठान-परक सत्संग समारोह का आयोजन एक सुखद संकेत है। इसका लाभ गुजरात के इस महानगर के हरजन को लेना चाहिए।

श्री सुधांशु जी महाराज बोले- मातृ-आराधना के इन दिनों में मातृशक्ति का सम्मान करना हर व्यक्ति का पहला कर्तव्य है। उन्होंने नारी शक्ति की महत्ता सबको समझाई और महिलाओं को उनके गरिमामयी जीवन के कई महत्वपूर्ण सूत्र दिए। बँधे हुये बालों को बँधे हुए सशक्त व आकर्षक व्यक्तित्व का प्रतीक बताते हुये उन्होंने कहा कि बिखरे बालों की तरह बिखरा तन, मन और व्यक्तित्व इस सुरदुर्लभ मानव जीवन को बिखेर कर रख देता है। उन्होंने मन्दिर के गुंबद पर बन्द कलश की तुलना नारी-शक्ति की बंधी बालराशि तथा पुरुषों की बंधी चोटी से की और सभी का आहवान किया कि वे मन की बिखरी शक्तियों को समेटकर ध्यान के माध्यम से एकाग्र बनें। इस एकाग्रता के बल पर जीवन में सब कुछ पाया जा सकता है। इसलिए वर्ष में दो बार चैत्र व आश्विन के सौम्य व सुरम्य महीने में 9-9 दिन के दो नवरात्रि पर्व आते हैं।

श्री सुधांशु जी महाराज ने अष्टभुजी माँ दुर्गा की आठों भुजाओं का मर्म समझाया। कहा कि दुर्गा-पूजा वास्तव में शक्ति पूजा है।उन्होंने शक्ति की महत्ता समझाई और कहा कि शरीरबल, आत्म बल, मनोबल, शास्त्रबल, शस्त्रबल, बुद्धिबल, विद्याबल, ब्रहाबल सभी की महत्ता को समझना और अंगीकार करना होगा। उन्होंने दुनिया के देशों में भारत को ख़ुशहाल अर्थात प्रसन्न देशों की सूची में काफ़ी नीचे होने पर खेद जताया और कहा कि नवरात्रि साधना भीतर से बाहर तक व्यक्ति को शान्ति और प्रसन्नता से भर देती है। उन्होंने सच्चा प्रेम, सच्ची समृद्धि एवं सच्ची ख़ुशी की प्राप्ति के सूत्र ज्ञान जिज्ञासुओं को दिए। श्री सुधांशु जी महाराज ने मानव जीवन के नैसर्गिक गुणों को सहज रूप में जीने का आहवान देशवासियों से किया।

सत्संग सभा के मुख्य समन्वयक संचालक एवं विश्व जागृति मिशन के निदेशक श्री राम महेश मिश्र ने बताया कि नवरात्रि के काल में मन्त्र-सिद्धि के गुर भी यहाँ प्रातःक़ालीन सत्रों में सिखाए जायेंगे। उन्होंने बताया इस वर्ष गुरुपूर्णिमा 27 जुलाई के सुअवसर पर 27 से 29 जुलाई तक ‘’गुरु मन्त्र सिद्धि साधना’’ मिशन मुख्यालय आनंदधाम नयी दिल्ली में सिखायी जाएगी। मिशन के अहमदाबाद प्रधान श्री इन्दर भाई जेतलनानी ने बताया कि सत्संग महोत्सव रविवार-25 मार्च तक चलेगा। इस बीच प्रातःकाल 8 से 10 बजे तथा सायंकाल 6 से 8 बजे के दो सत्रों में नगरवासी ज्ञान चर्चा का लाभ उठा सकेंगे।