अयोध्या: कड़ी सुरक्षा के बीच 14 कोसी आस्था की परिक्रमा शुरू, श्रीराम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद के पक्षकारों ने कहा ‘ऑल इज़ वेल’

अयोध्या/ बुशरा असलम। श्रीराम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है। देश और दुनिया में इस मसले की चर्चा हो रही है। वहीं अयोध्या में इन दिनों आस्था का सैलाब उमड़ा हुआ है जिले में रामभक्तों की कतार लगी है।

जयश्रीराम के जयकारों के बीच 14 कोसी परिक्रमा में लाखों श्रद्धालु आस्था की डगर पर नंगे पांव चल रहे हैं। अयोध्या पर फैसले से पहले शुरु हुई 42 किलोमीटर की इस परिक्रमा में एक ओर जहां आपसी भाईचारे और सौहार्द की तस्वीरें देखने को मिल रही हैं तो वहीं सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं।
अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा के दौरान जब श्रद्धालुओं के बीच श्रीरामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास और बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी एक साथ पहुंचे तो लोगों को अचंभित होना लाजमी था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ठीक पहले आचार्य सत्येंद्र दास और इकबाल अंसारी ने आस्था के पथ पर एक साथ कदम रख अयोध्या ही नहीं बल्कि पूरे देश में भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश दिया और लोगों से अमन चैन कायम रखने की अपील की।
राम जन्मभूमि श्रीराम लला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि बाहर में जिस तरह से अफवाह फैलाई जा रही है कि अयोध्या में कर्फ्यू लग गया है और वहां गोली चल जाएगी और दुनियाभर की बाते कही जा रही हैं मैं सारे देशवासियों से ये कहता हूं कि हम दोनों यहां खड़े हैं। हिंदू-मुसलमान दोनों पक्षकार यहां हैं और मैं पुजारी हूं, इस सबके बीच में अयोध्या इतनी शांत है और प्रशासन इतना चुस्त दुरुस्त है कि यहां विरोधियों का या0 आतंकवादियों की एक मक्खी भी नहीं उड़ सकती।
वहीं बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि हम अयोध्यावासी है और जितने भी हमारे भाई आए हुए है। हम एक संदेश देना चाहते है कि अयोध्या आकर पूजा करे, स्नान करें, यही परंपरा यहां की है और यहां साधू-संत या ग्रहस्थ हों ऐसी कोई बात नहीं है, हम लोग हमेशा मिलकर रहते है अभी हमारे पूजारी जी ने जो कहा है बिलकुल ठीक कहा है।

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले आतंकी खतरे को देखते हुए 14 कोसी परिक्रमा की सुरक्षा के लिए भी कड़े बंदोबस्त किए गए है। परिक्रमा पथ पर ड्रोन कैमरों नजर रखी जा रही है। एक एडिशनल एसपी और सीओ खुद ड्रोन कैमरों से ली गई तस्वीरों की निगरानी कर रहे हैं। ड्रोन कैमरे से परिक्रमा की निगरानी की जा रही है। निगरानी के लिए दो टीमें बनाई गई हैं जो अलग-अलग जगहों पर ऊपर छतों सेइसकी निगरानी कर रही है। अयोध्या की सुरक्षा को लेकर यूपी सरकार और केंद्र सरकार दोनो सतर्क हैं। अयोध्या विवाद पर फैसला आने में अब बेहद कम वक्त बचा है ऐसे में फैसले से पहले या फैसले के बाद यहां कोई अनहोनी न हो इसके लिए केंद्र ने सीआरपीएफ के 4 हजार जवानों को भी यूपी में तैनात किया है।